आपदा प्रबंधन की तैयारियों को पुख्ता करें-डॉ. मिश्रा
   Date30-Jul-2021

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भोपाल द्य 29 जुलाई (वा)
आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक पुख्ता करें। विभिन्न आपदाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए एसओपी तैयार करें। गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंत्रालय में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी, अपर मुख्य सचिव जल संसाधन एस.एन. मिश्रा, महानिदेशक होमगार्ड अशोक दोहरे, एडीजी अशोक अवस्थी, आई.जी. एसडीईआरएफ श्रीमती दीपिका सूरी, सचिव श्री डी. श्रीनिवास वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। गृहमंत्री डॉ. मिश्रा ने विभिन्न आपदाओं के प्रबंधन के लिए जिला एवं राज्य स्तर पर एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एसओपी तैयार हो जाने से विभिन्न आपदाओं का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। बैठक में डॉ. मिश्रा ने आपदा प्रबंधन के लिए होमगार्ड के 2425 पदों को स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पांस फोर्स (एसडीईआरएफ) में सौंपने के लिए प्रस्ताव कैबिनेट को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने होमगार्ड में अनुसचिवीय बल के युक्तियुक्तकरण के आदेश जारी करने के भी निर्देश दिए। डॉ. मिश्रा ने महानिदेशक होमगार्ड को निर्देशित किया है कि जिन जिलों में होमगार्ड के डिस्ट्रिक कमांडेंट के पद रिक्त हैं, वहां पर कम्पनी कमांडर को डिस्ट्रिक कमांडेंट के पद का प्रभार सौंपे जाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करें। मंत्री डॉ. मिश्रा ने आपदा की स्थिति में बेहतर निगरानी और त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए होमगार्ड और एसडीईआरएफ के स्टेट कमांड सेंटर को सतत मॉनीटरिंग करने को कहा।
उन्होंने बैठक में निर्देशित किया कि मानसून को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियों में लापरवाही नहीं बरती जाए। उन्होंने आपदाओं से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों का पूर्व से ही पुख्ता बंदोबस्त करने को कहा।
विभाग का मानवीय पक्ष भी सामने आना जरूरी
गृहमंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी विभिन्न आपदाओं और विपत्तियों के समय में अपनी जान को जोखिम में डालकर जनहित में कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट में हमारे जवान कड़ी धूप और बारिश में भी मैदानी कार्य करते रहे। इस दौरान कई अधिकारी-कर्मचारी शहीद हो गए। उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि हो या बाढ़, हमारे जवान स्वयं को संकट में डालकर जनता की रक्षा करते हैं। डॉ. मिश्रा ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी संवेदनशीलतापूर्वक कार्य करने वाले विभाग के मानवीय चेहरे को भी सामने लाया जाए।