सिद्धू का शक्ति प्रदर्शन , 62 विधायकों के साथ दरबार साहिब में टेका माथा
   Date22-Jul-2021

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अमृतसर ठ्ठ 21 जुलाई (वा)
पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान के बीच पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को 62 विधायकों सहित श्री दरबार साहिब में माथा टेका।
इससे पूर्व उन्होंने अपने निवास पर राज्य के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के अलावा बड़ी संख्या में विधायकों के साथ बैठक कर राज्य की राजनीति पर चर्चा की। दो बसों में आए करीब 62 से अधिक विधायक इस बैठक में शामिल हुए। सुबह श्री सिद्धू की कोठी पर पहुंचे विधायकों में हरमिंदर गिल, सुनील दत्ती, सुरजीत धीमान, राजा बडि़ंग, सुखजीत रंधावा, हरजोत कमाल, दविंदर घुबाया, प्रीतम कोटभाई, परमिंदर पिंकी, बरिंदरजीत पहरा, सुखविंदर डैनी, तृप्त राजिंदर बाजवा, अंगद सैनी, शेर सिंह घुबाया, संगत गिलजियां, परगट सिंह आदि शामिल हैं। बैठक के बाद पंजाब के सहकारिता एवं जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी नेता, मंत्री और विधायक पार्टी हाईकमान का आदेश नहीं मानता, तो यह सीधे तौर पर अनुशासनहीनता है।
उन्होंने कहा कि यदि कैप्टन अमरिन्दर सिंह माफी मंगवाना चाहते थे तो श्री सिद्धू के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने से पहले अपनी बात कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और श्री राहुल गांधी के समक्ष रखते।
श्री प्रताप सिंह बाजवा जब प्रदेश पार्टी अध्यक्ष बने थे, तब वह कैप्टन के साथ थे, लेकिन हाईकमान के फैसले के बाद श्री बाजवा के विरोधी होने के बावजूद हमने अपने क्षेत्र में उनकी रैली करवाई थी। हाईकमान का फैसला सर्वमान्य है। इसके बाद श्री सिद्धू श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थन में हजारों लोग जुटे। श्री दरबार साहिब परिसर में दाखिल होते ही श्री सिद्धू और विधायकों ने जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल के जयकारे लगाए। खास बात यह भी रही कि पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी श्री सिद्धू के साथ नजर आए। यहां से वे श्री दुर्गयाणा मंदिर और श्री वाल्मीकि तीर्थ भी गए,जहां उन्हें मंदिर समिति की ओर से सम्मानित किया गया।