जलाशयों की जल भंडारण क्षमता की पुनस्र्थापना करने वाला मप्र पहला राज्य
   Date21-Jul-2021

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भोपाल द्य 20 जुलाई (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक में राज्य के जलाशयों की जल भंडारण क्षमता की पुनस्र्थापना के लिए नीतिगत निर्णय लेते हुए निविदा प्रक्रिया, आधार मूल्य, निविदा अर्हता के मापदंडों एवं अन्य शर्तों को अनुमोदित किया गया। नीति में संशोधन के बाद मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा, जिसमें प्रथम चरण में चार जलाशय से गाद निकालने का टेंडर होगा। इससे 5 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का पुनस्र्थापन हो सकेगा। भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी। बांधों का जीवनकाल बढ़ेगा। रेत का उपयोग हो सकेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और लगभग 300 करोड़ रुपए के राजस्व की प्राप्ति हो सकेगी। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में पहले से स्थापित 859 थानों के सीसीटीवी सिस्टम के
अपग्रेडेशन एवं नवीन 258 पुलिस थानों, 500 पुलिस चौकियों और 42 महिला थानों में नवीन सीसीटीवी सर्विलांस सिस्टम स्थापित किए जाने एवं जिला स्तर पर मॉनिटरिंग के लिए 52 जिला मुख्यालयों में तथा 3 एसआरपी कार्यालयों में सीसीटीवी कंट्रोल सिस्टम स्थापित करने के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में 66 करोड़ 18 लाख 95 हजार 175 रुपए तथा वर्ष 2022-26 में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसलटेंट की सेवाओं को एवं 5 वर्ष की वारंटी/ए.एम.सी. सम्मिलित करते हुए तथा अन्य आवर्ती व्यय राशि 28 करोड़ रुपए इस प्रकार कुल परियोजना लागत राशि 94 करोड़ 18 लाख 95 हजार 175 रुपए की स्वीकृति दी।
परिसम्पत्ति के विक्रय की मंजूरी - मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित की इंदौर विकास प्राधिकरण से लीज़ पर प्राप्त प्लॉट नं. 151-बी, स्कीम नं. 59, सेक्टर ए-2, अमितेश नगर, बिलावली जोन, जिला इन्दौर स्थित परिसम्पत्ति के निर्वर्तन हेतु एच-1 निविदाकार द्वारा उल्लेखित उच्चतम निविदा बोली मूल्य 7 करोड़ 67 लाख 36 हजार रुपए का अनुमोदन करते हुए निविदाकार द्वारा उल्लेखित निविदा मूल्य राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के बाद मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक मर्यादित के परिसमापक संयुक्त आयुक्त, सहकारिता द्वारा 11 जून 2042 तक लीज़ परिसम्पत्ति के विक्रय पंजीकृत अनुबंध का संपादन तथा इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा सम्पत्ति पंजी में एच-1 निविदाकार के पक्ष में नामांतरण किया जाने का निर्णय मंत्रिपरिषद द्वारा लिया गया।
छतरपुर में सौर ऊर्जा परियोजना के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति - मंत्रिपरिषद ने ताप विद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहित/आवंटित भूमि पर एनटीपीसी अथवा उसकी पूर्ण स्वामित्व की कंपनी द्वारा 550 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना अल्ट्रा मेगा रिन्यूअल इनर्जी पावर प्रोजेक्ट मोड एवं सीपीएसयू योजना के तहत करने के लिए भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति दी। प्रस्तावित परियोजना से उत्पादित सौर ऊर्जा को 25 वर्ष के लिए 2.45 रुपए प्रति यूनिट की दर पर क्रय करने का प्रथम अधिकार एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी का रहेगा।
दूरसंचार/इंटरनेट सेवाओं की नीति में संशोधन - प्रदेश में नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में दूरसंचार/इंटरनेट सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रदेश में प्रचलित दूरसंचार/इंटरनेट सेवाओं के लिए दूरसंचार अवसंरचना की स्थापना की नीति-2019 एवं दिशा-निर्देश 2019 लागू है।