मोदी ने भारत को रक्षा नीति दी, सीमा पर आज हमें कोई चुनौती नहीं दे सकता-शाह
   Date18-Jul-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 17 जुलाई (ए)
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत के लिए एक अलग रक्षा नीति तैयार किए जाने के बाद कोई भी भारत की सीमाओं और इसकी संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता है। गृहमंत्री ने कहा- 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले कोई अलग रक्षा नीति नहीं थी। या तो यह विदेश नीति थी, जिसने रक्षा नीति को निर्देशित किया या विदेश नीति रक्षा नीति के साथ ओवरलैप हो गई। आज, इस पहल के कारण कोई भी भारतीय सीमाओं और संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता है। जम्मू एयरबेस पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले के संदर्भ में, अमित शाह ने कहा कि डीआरडीओ और अन्य एजेंसियां जवाबी कार्रवाई कर रही हैं। शाह ने कहा- हमें पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के उपयोग के लिए तैयार रहना होगा। यह सीमा पार से हमलों के लिए ड्रोन के उपयोग से परे है। गृहमंत्री अमित शाह सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अलंकरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने देश की सेवा के लिए बीएसएफ के जवानों को सम्मानित भी किया और रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान भी दिया। अमित शाह ने कहा- मैं उन लोगों को सलाम करता हूं, जिन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया है। इन बहादुर दिलों और योद्धाओं को भुलाया नहीं जा सकता है। बीएसएफ और हमारे अर्धसैनिक बलों के कारण भारत का विश्व मानचित्र पर गौरव है, जो सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
समारोह में दो राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा और निसिथ प्रमाणिक, गृह सचिव अजय भल्ला और दो खुफिया प्रमुख भी मौजूद थे। बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना ने स्वागत भाषण दिया। अमित शाह ने ट्विटर पर लिखा- इस बहादुर बल के 18वें अलंकरण समारोह में कल, राष्ट्र के लिए उत्कृष्ट सेवा के लिए हमारे बहादुर बीएसएफ कर्मियों को सम्मानित करने के लिए उत्सुक हूं। रुस्तमजी स्मृति व्याख्यान भी देंगे।
2022 तक भारत की सीमा पर नहीं बचेंगे एक भी गैप
नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 2022 तक भारत की सीमा के सभी गैप को कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले, भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा नीति का अभाव था, जिसका उद्देश्य अब दुश्मन को उसी सिक्के में वापस भुगतान करना है। कोई भी बाड़ में अंतराल नहीं छोडऩा चाहता, लेकिन अगर 200 किमी लंबी बाड़ पर आप 1.5 किमी का अंतर छोड़ दें, तो बाड़ का पूरा खंड बेकार हो जाता है। हमने प्रशासनिक स्तर पर बाधाओं को दूर करके और यहां तक कि पड़ोसी देशों से बात करके इन कमियों को भरने का काम किया है। सभी कठिनाइयों को पार करते हुए मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि 2022 से पहले, हमारी बाड़ में कोई कमी नहीं बचेगी।