कश्मीर में तैनात मातृशक्ति जवान
   Date11-Jul-2021

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आतंकवाद विरोधी अभियानों में जवानों का दे रहीं साथ
श्रीनगर ठ्ठ 10 जुलाई (ए)
भारतीय सेना ने असम राइफल्स की महिला सैनिकों (मातृशक्ति जवान) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इन्हें पुरुष जवानों के सहयोग के लिए कश्मीर में तैनात किया गया है। इनकी तैनाती मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में हुई है, जहां वे आतंकवाद विरोधी अभियानों में जवानों का साथ दे रही हैं। महिलाओं और बच्चों की तलाशी के लिए ये सुरक्षाकर्मी मोटर-व्हीकल चेक प्वॉइंट्स पर तैनात हैं। साथ ही वो कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (सीएएसओ) के दौरान घर-घर की तलाशी में भी मदद करती हैं। महिला सुरक्षाकर्मी ज्योत्सना कहती हैं कि अभियान के दौरान हम ध्यान रखते हैं कि इससे महिलाओं को समस्या का सामना न करना पड़े। तलाशी के बाद हम उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाते भी हैं। हमें उम्मीद है कि कश्मीरी लड़कियां भी प्रेरित होंगी और देश की सेवा के लिए सेना में शामिल होंगी। महिला सुरक्षाकर्मी रुमान रूपाली ने कहा कि हम पुरुषों की तरह ड्यूटी करती हैं।
हम घेराबंदी और तलाशी अभियान में जाते हैं। हम डरने वाले नहीं हैं और चुनौतीभरे काम से खुश हैं। हम स्थानीय महिलाओं की सेवा के लिए यहां हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने में की मदद
इन महिला जवानों को पहले कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में तैनात किया गया था। इन्हें नशीले पदार्थों की बढ़ती तस्करी को रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। दरअसल, नियंत्रण रेखा के पास जाने वाली महिला संदिग्धों की तलाशी लेने में पुरुष जवानों को दिक्कत हो रही थी। एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि महिला जवानों के आने से तस्करी को रोकने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि कुपवाड़ा में पुरुष सैनिकों के लिए महिलाओं की तलाशी लेना संभव नहीं था। यह काम महिला सैनिकों ने अच्छे से किया। इनकी तैनाती से कश्मीर में महिलाओं की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
2000 कश्मीरी लड़कियों ने पुलिस भर्ती रैली में भाग लिया
हाल ही में करीब 2000 कश्मीरी लड़कियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए भर्ती रैली में भाग लिया था। यह भर्ती 650 पदों पर थी। यहां दो महिला बटालियन बनाई जा रही हैं। इसके लिए कश्मीर और जम्मू से 650-650 महिलाओं की भर्ती की जा रही है।