कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए मोदी ने की वैज्ञानिकों की सराहना
   Date05-Jun-2021

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नई दिल्ली द्य 4 जून (वा)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में देश को कोरोना के टीके, जांच किट, उपकरणों और कारगर दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिकों की सराहना की है।
श्री मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है, लेकिन अतीत में जब भी कोई बड़ा मानवीय संकट आया है, विज्ञान ने एक बेहतर भविष्य के लिए रास्ता तैयार किया है। उन्होंने कहा कि विज्ञान की मूल प्रकृति संकट के समय समाधानों और संभावनाओं की तलाश कर नई ताकत पैदा करना है। मानवता को इस महामारी से बचाने के लिए एक साल के अंदर जिस पैमाने और गति से टीके बनाए गए, उसके लिए प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों की सराहना की। उन्होंने कहा- इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी घटना हुई है। पिछली सदी में दूसरे देशों में आविष्कार किए गए थे और भारत को उनके लिए कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ा था, लेकिन आज हमारे देश के वैज्ञानिक दूसरे देशों के साथ एक जैसी गति से और बराबर का काम कर रहे हैं। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत को कोविड-19 के टीके, जांच किट, आवश्यक उपकरण और नई कारगर दवाओं के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए वैज्ञानिकों ने सराहनीय काम किया।
उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी को विकसित देशों के बराबर लाना उद्योग और बाजार के लिए बेहतर रहेगा।
भारत में कोविड का टीका बनाएगा अमेरिका
नई दिल्ली। अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टेलीफोन करके सूचित किया है कि उनका देश कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए भारत समेत अनेक देशों में टीका उत्पादन की रणनीति पर काम कर रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार सुश्री हैरिस ने गुरुवार की रात में हुई इस बातचीत में श्री मोदी को बताया कि अमेरिका ने वैश्विक वैक्सीन शेयरिंग रणनीति के तहत कोविड के टीके के अन्य देशों में उत्पादन करने की योजना बनाई है, जिनमें भारत भी शामिल है। श्री मोदी ने अमेरिका के इस निर्णय तथा अमेरिका सरकार, कारोबारी समूहों एवं प्रवासी समुदाय द्वारा हाल में भारत की दी गई सहायता के लिए सुश्री हैरिस को धन्यवाद ज्ञापित किया। दोनों नेताओं ने टीका उत्पादन सहित अमेरिका एवं भारत के बीच स्वास्थ्य सप्लाई चेन को मजबूत करने के प्रयासों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने इस महामारी के मानव स्वास्थ्य पर दीर्घकालिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए क्वाड वैक्सीन इनीशिएटिव तथा भारत अमेरिकी साझीदारी की संभावनाओं एवं क्षमता पर भी चर्चा की।