वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खुले कपाट
   Date18-May-2021

ed6_1  H x W: 0
केदारनाथ धाम ठ्ठ 17 मई (वा)
उत्तराखंड के हिमालय पर्वत पर स्थित भगवान शिव के ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट सोमवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य अगले छह माह के लिए खोले गए। पहला रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विश्व शांति की कामना के साथ हुआ। सुबह पांच बजे ग्रीष्मकाल के लिए कपाट खोले गए। कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह तीन बजे से प्रारम्भ हुई। रावल भीमाशंकर एवं मुख्य पुजारी बागेश लिंग तथा देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी.डी. सिंह एवं जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग मनुज गोयल ने पूरब द्वार से मंदिर के मुख्य प्रांगण में प्रवेश किया। मुख्य द्वार पर पूजा-अर्चना की, मंत्रोच्चारण के पश्चात ठीक पांच बजे मेष लग्न, पुनर्वसु नक्षत्र में भगवान केदार धाम के कपाट खोल दिए गए। इसके पश्चात मुख्य पुजारी बागेश लिंग ने स्वयंभू शिवलिंग को समाधि से जागृत किया तथा निर्वाण दर्शनों के पश्चात श्रृंगार तथा रुद्राभिषेक पूजाएं की गई।
श्री केदारनाथ धाम में भी प्रथम रुद्राभिषेक पूजा प्रधानमंत्री मोदी की ओर से की गई तथा जनकल्याण की कामना की गई। कोरोना महामारी को देखते हुए चारधाम यात्रा अस्थायी तौर पर स्थगित है। धामों में केवल पूजापाठ सम्पन्न हो रही है। यात्रियों को आने की अनुमति नहीं है। धाम में मौसम सर्द है। मंदिर के कुछ दूरी पर बर्फ मौजूद है तथा रास्ते में कहीं-कहीं हिमखंड नजर आ रहे है। मुख्यमंत्री तीरथसिंह रावत ने श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर प्रसन्नता व्यक्त की है तथा सभी के आरोग्यता की कामना की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण अस्थायी तौर पर यात्रा स्थगित है। सभी लोग वर्चुअली दर्शन करें तथा अपने घरों में पूजा-अर्चना करें। श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर ऋषिकेश के दानीदाता सौरभ कालड़ा ग्रुप द्वारा श्री केदारनाथ मंदिर को 11 क्विंटल फूलों से सजाया गया था।