शिवराज की पीड़ा सभी के लिए प्रेरणा बनेगी-चिदानंद
   Date08-Apr-2021

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मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का स्वास्थ्य आग्रह सम्पन्न : कोरोना संक्रमण रोकने की अनेक घोषणाएं
भोपाल ठ्ठ 7 अप्रैल (ब्यूरो)
ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन आश्रम के प्रमुख स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की बढ़ते कोरोना संक्रमण पर चिंता, जनजागरुकता अभियान और कोरोना नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य आग्रह के माध्यम से व्यक्त हो रही पीड़ा और धर्मगुरुओं से संवाद की पहल अन्य सभी के लिए प्रेरणा बनेगी। उधर मध्यप्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले अत्यधिक तेज गति से बढऩे की स्थिति पर काबू पाने के लिए चौतरफा प्रयासों के साथ आज मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अनेक घोषणाएं कीं और कहा कि तालाबंदी का उपयोग वे अंतिम विकल्प के रूप में ही करेंगे।
आज स्वास्थ्य आग्रह के दौरान धर्मगुरुओं से संवाद कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद भी ऑनलाइन जुड़े और कहा कि शरीर स्वस्थ है तो सभी स्वस्थ और सार्थक होता है। स्वामी चिदानंद ने कहा श्री चौहान का स्वास्थ्य जागरुकता के लिए प्रयास सराहनीय है, प्रेरक है। मध्यप्रदेश स्वस्थ रहे, ये संकल्प लिया जा रहा है। स्वामी चिदानंद ने कहा कि सभी सामाजिक दूरी का पालन करें, पर दिल से परस्पर जुड़े रहें, दूर न हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रयास प्रशंसनीय हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्वास्थ्य आग्रह के दौरान आज मिंटो हॉल में विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ कोरोना नियंत्रण पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने धर्मगुरुओं से आमजन को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश में जब कोरोना संक्रमण बढ़ रहा, ऐसे में समाज के सहयोग से ही वायरस पर नियंत्रण के उपायों को लागू किया जा सकता है। सावधानियों के पालन की धर्मगुरुओं की अपील कारगर होगी।
ठ्ठश्री चौहान ने बताया कि महाराष्ट्र के बाद पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी कोरोना के मामले बहुत ज्यादा आ रहे हैं, इसलिए छत्तीसगढ़ राज्य से भी आवागमन 15 अप्रैल तक के लिए कुछ शर्तों के साथ स्थगित कर दिया गया है। इस संबंध में आदेश जारी हो गए हैं। महाराष्ट्र से आवागमन पहले ही 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित है।
ठ्ठश्री चौहान ने यहां के ऐतिहासिक मिंटो हॉल परिसर में 24 घंटे का 'स्वास्थ्य आग्रहÓ आज ठीक साढ़े बारह बजे समाप्त किया। इस मौके पर उन्होंने कोरोना संक्रमण रोकने संबंधी अनेक घोषणाएं करते हुए फिर से दोहराया कि मॉस्क, सामाजिक दूरी और कोरोना रोकने के लिए निर्धारित उपयुक्त व्यवहार ही कोरोना पर नियंत्रण का सबसे अधिक प्रभावी उपाय है। इसके बाद भी वे प्रतिदिन सभी जिलों की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और यदि आवश्यकता हुई तो किसी जिले में जनता की जान बचाने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में तालाबंदी के विकल्प पर विचार किया जाएगा।
ठ्ठश्री चौहान ने कहा कि 24 घंटे के दौरान विभिन्न लोगों से चर्चा के दौरान पता चला कि कुछ निजी अस्पतालों में इलाज के नाम पर अत्याधिक पैसा वसूल किया जा रहा है। सरकार ने इस पर अंकुश लगाने के लिए भी कदम उठाए हैं। टेस्ट और इलाज की खर्चसीमा तय की गई है और इनका पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। कोरोना के इलाज में उपयोग होने वाले रेमडेसिविर के इंजेक्शन सरकार स्वयं खरीदेगी और इन्हें गरीबों और मध्यम वर्ग के लोगों को आवश्यकता के अनुसान नि:शुल्क मुहैया कराया जाएगा।
ठ्ठश्री चौहान ने यह भी कहा कि राज्य में मास्क नहीं पहनना अपराध माना जाएगा और इसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निजी अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज की सुविधाओं के विस्तार की घोषणा की और कहा कि अस्पताल में भर्ती होने संबंधी नए नियम बनाए जाएंगे, ताकि जिस गंभीर मरीज को अस्पताल की आवश्यकता हो, उसे ही भर्ती करने में प्राथमिकता मिले। शेष मरीजों के लिए होम आइसोलेशन की व्यवस्था और पुख्ता की जाएगी।
ठ्ठश्री चौहान ने मंगलवार दिन में साढ़े बारह बजे स्वास्थ्य आग्रह प्रारंभ किया था, जो पूरे 24 घंटे तक चला। इस दौरान उन्होंने अपने नियमित सरकारी कार्य निपटाने के अलावा विभिन्न जिलों के अलग-अलग वर्ग के लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा की। धर्मगुरुओं से भी चर्चा की और उन्होंने भी जनता से सरकार के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की। इस दौरान मिले सुझावों और मंथन के दौरान आए निष्कर्षों के आधार पर श्री चौहान ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए निर्णय लिए हैं।