परीक्षा अंतिम पड़ाव नहीं : खाली समय खजाना, इस पल के बिना जिंदगी रोबोट जैसी
   Date08-Apr-2021

fv1_1  H x W: 0
नई दिल्ली ठ्ठ 7 अप्रैल (स्वदेश समाचार)
परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ संवाद करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि परीक्षा कोई अंतिम पड़ाव नहीं है. उन्होंने कहा- 'आपको डर परीक्षा का नहीं है। आपको डर किसी और का है और वो क्या है? आपको आसपास एक माहौल बना दिया है कि यही परीक्षा सबकुछ है, यही जिंदगी है। और हम यह आवश्यकता से अधिक ओवर कंसियस हो जाते हैं। हम थोड़ा ज्यादा सोचने लग जाते हैं. इसलिए मैं समझता हूं कि जिंदगी में ये कोई अंतिम मुकाम नहीं है।Ó
ठ्ठपरीक्षा एक छोटा पड़ाव-पीएम मोदी ने कहा- ये जिंदगी बहुत लंबी है, बहुत पड़ाव आते हैं. परीक्षा एक छोटा सा पड़ाव है। हमें दबाव नहीं बनाना चाहिए, चाहे टीचर हो, स्टूडेंट हो, परिवारजन हो, यार दोस्त हो । अगर बाहर का दबाव कम हो गया, खत्म हो गया, तो परीक्षा का दबाव कभी महसूस नहीं होगा, कॉन्फिडेंस फलेगा-फूलेगा, प्रेशर रिलीज होगा, कम हो जाएगा।
ठ्ठखाली समय है 'खजानाÓ-पीएम मोदी ने कहा कि खाली समय को खाली मत समझिए, ये खजाना है । खाली समय एक सौभाग्य है, खाली समय एक अवसर है. आपकी दिनचर्या में खाली समय के पल होने ही चाहिए, वरना तो जिंदगी एक रोबोट जैसी हो जाती है । जब आप खाली समय में अर्न करते हैं तो आपको उसकी सबसे ज्यादा वैल्यू पता चलती है. इसलिए आपकी लाइफ ऐसी होनी चाहिए जब आप खाली समय अर्न करें तो वो आपको असीम आनंद दे । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि खाली समय में किन चीजों से बचना चाहिए, नहीं तो वो ही चीज सारा समय खा जाएगी. पता भी नहीं चलेगा और अंत में रिफ्रेश-रिलैक्स होने की बजाय आप तंग आ जाएंगे, थकान महसूस करने लगेंगे ।
ठ्ठपरीक्षा जीवन को गढऩे का मौका-परीक्षा पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा- हमारे यहां परीक्षा के लिए एक शब्द है-कसौटी। मतलब, खुद को कसना है। ऐसा नहीं है परीक्षा आखिरी मौका है बल्कि परीक्षा तो एक प्रकार से एक लबी जिंदगी जीने के लिए अपने आपको कसने का एक उत्तम अवसर है।
एक अवसर है । समस्या तब आती है जब परीक्षा को ही जैसे जीवन के सपनों का अंत मान लेत हैं । जीवन मरण का प्रश्न बना देते हैं। दरअसल एग्जाम जीवन को गढऩे का एक अवसर है। वास्तव में हमे अपने आप को एक कसौटी पर कसने के मौके खोजते ही रहना चाहिए । ताकि हम और बेहतर कर सकें हमे भागना नहीं चाहिए ।
पीएम मोदी ने परीक्षा पर चर्चा करते हुए कहा- ये परीक्षा पे चर्चा है, लेकिन सिर्फ परीक्षा की ही चर्चा नहीं है. बहुत कुछ बातें हो सकती हैं. एक हल्का-फुल्का माहौल बना है. एक नया आत्मविश्वास पैदा करना है और जैसे आपने घर में बैठकर बातें करते हैं, अपनों के बीच बात करते हैं, यार दोस्तों के साथ बात करते ह ।