भारत के आंतरिक मामलों में राहुल चाहते हंै अमेरिकी हस्तक्षेप
   Date04-Apr-2021

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यूएस एक्सपर्ट से राहुल ने पूछा- भारत में जो कुछ भी हो रहा है उस पर अमेरिका चुप क्यों
नई दिल्ली ठ्ठ 3 अप्रैल (वा)
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने हावर्ड कैनेडी स्कूल के एम्बेसडर निकोलस बर्न्स के साथ वर्चुअल बातचीत में भाजपा पर बड़े आरोप लगाए और अमेरिका की चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने बर्न्स के साथ बातचीत में कहा कि भाजपा ने देश की अहम संवैधानिक संस्थाओं को अपने कब्जे में ले लिया है।
उन्होंने विपक्षी पार्टियों के चुनाव में हार को लेकर कहा कि भाजपा आर्थिक तौर पर और मजबूत हुई है और मीडिया पर उसका प्रभुत्व बढ़ा है जिसकी वजह से विपक्षी पार्टियां चुनाव नहीं जीत पा रही हैं। कांग्रेस ही नहीं, बीएसपी, एसपी, एनसीपी जैसी पार्टियां भी चुनाव नहीं जीत पा रही हैं. राहुल गांधी ने कहा, चुनाव लडऩे के लिए संस्थागत ढांचे की जरूरत पड़ती है। यह संस्थाएं एक निष्पक्ष लोकतंत्र के लिए जरूरी होती हैं। लेकिन भारत में इनपर पूरी तरह से भाजपा हावी है जिसकी वजह से विपक्षी पार्टियों को जीत नहीं मिल पा रही है। राहुल ने आगे कहा कि चुनाव लडऩे के लिए हमें ढांचागत संस्थाओं की जरूरत होती है. हमें न्याय व्यवस्था की जरूरत होती है जो हमारी रक्षा करे। मीडिया की जरूरत होती है जो स्वतंत्र हो। आर्थिक समानता की जरूरत होती है। हमारे पास ये सब नहीं है जिससे की हम राजनीति पार्टी संचालित कर सकें।
संस्थाओं की नाकामी से हो रहा है जनआंदोलन
राहुल गांधी ने बर्न्स से बातचीत के दौरान कहा कि देश की अहम संस्थाओं की विफलता के चलते ही लोग जनआंदोलन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं. किसान आंदोलन इसका उदाहरण है. राहुल गांधी ने कहा कि असम में कांग्रेस का चुनाव प्रचार अभियान संभालने वाले शख्स ने बीजेपी के लोगों की वोटिंग मशीन के साथ वीडियो तक भेजी है लेकिन ये राष्ट्रीय मीडिया में कहीं मुद्दा ही नहीं है.