किसान मंच बनाकर सुनिश्चित करेंगे किसान कल्याण
   Date04-Apr-2021

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भारतीय किसान संघ के किसान संवाद कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा
भोपाल ठ्ठ 3 अप्रैल (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि राजस्व विभाग सहित किसानों से संबंधित अन्य विभागों की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के लिए शुद्धिकरण सप्ताह के अंतर्गत संशोधन कार्य आरंभ होगा। किसान मंच बनाकर संवाद और चर्चा के माध्यम से किसानों के कल्याण कार्यों को और बेहतर ढंग से पूरा किया जाएगा। कृषकों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के कार्य निरंतर जारी रहेंगे। कोरोना से बचाव में भी किसानों का सहयोग लिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज शिवाजी नगर में भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भारतीय किसान संघ ने आज किसान मित्र सम्मान दिया है, जिसके लिए संघ का आभारी हूं। किसान संघ से मिले इस सम्मान का सदैव मान रखूंगा। मध्यप्रदेश के परिश्रमिक किसानों ने रिकार्ड गेहूं उत्पादन कर मध्यप्रदेश को उपार्जन में पंजाब से आगे बढ़कर पहले स्थान पर लाने का कार्य किया है। भारतीय किसान संघ के देश में 500 से अधिक शाखाएं हैं। संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री यहां उपस्थित हैं, जो इस संगठन को किसान वर्ग की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाने का कार्य कर रहे हैं।
एक जिला एक उत्पाद योजना में सहयोग करें किसान -मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद योजना में भी किसान सहयोग करें। आलू, मटर, टमाटर, केला आदि का विपुल उत्पादन करने वाले जिले उत्पादों को एक्सपोर्ट के काबिल बनाएं। प्रोसेसिंग यूनिट भी किसानों द्वारा लगाई जाए। इन्हें राज्य सरकार अधिकतम सहयोग करेगी। एफपीओ के माध्यम से भी किसान भागीदारी करें। इन संगठनों को राज्य सरकार का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।
कम पानी में सिंचाई का लाभ लें-मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की सिंचाई का रकबा साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 41 लाख हेक्टेयर के पार किया गया। इसे 65 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने के लिए हम संकल्पित हैं। अप्रैल और मई माह में जल संरचनाओं के विकास का कार्य होगा। पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए किसान वर्ग का सहयोग चाहिए। हम स्प्रिंकलर सिंचाई को भी बढ़ाएंगे। कम पानी में सिंचाई का कार्य हो जाए, इस दिशा में पाइप के माध्यम से और अन्य वैकल्पिक माध्यमों से सिंचाई कार्य को विस्तार देंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गेहूं और धान के अलावा अन्य फसलों को भी साथ में उगाने के संबंध में किसान वर्ग पहल करे।