भारत के लिए संंकट मोचक बनकर सामने आए अनेक देश
    Date29-Apr-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 28 अप्रैल (वा)
कोरोना की दूसरी लहर में भारत की मदद के लिए दुनिया के तमाम देशों ने आगे हाथ बढ़ाया है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, रूस और ब्रिटेन जैसे देशों के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, चीन, कनाडा, थायलैंड समेत कई देश आगे आए हैं। इन देशों से भारत को न सिर्फ ऑक्सीजन बल्कि वेंटिलेटर और मास्क जैसी चीजें आनी शुरू हो गई हैं। बुधवार को सिंगापुर ने भारत के लिए ऑक्सीजन से भरे दो विमान रवाना कर दिए हैं तो वहीं कनाडा ने भी ऐलान किया है कि वह भारत को 60 करोड़ की मदद देगा। वहीं, ब्रिटेन ने मंगलवार को ही 100 वेंटिलेटर और 95 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स की पहली खेप भेज दी है। मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक अमेरिका से ऑक्सीजन से जुड़ी सप्लाई के साथ जांच और इलाज के लिए दवाओं और उससे जुड़े कच्चे माल के मोर्चे पर भी मदद आनी शुरू होने वाली है। यही नहीं वैक्सीन की भी मदद के बारे में बातचीत जारी है।इसके अलावा अमेरिकी कंपनियों गूगल, एपल, माइक्रोसॉफ्ट, एमेजॉन और डेलॉएट समेत कई कारोबारी संगठनों के जरिये आर्थिक और तकनीकी मदद भारत को मिल रही है। ब्रिटेन से 100 वेंटिलेटर्स और 95 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स 27 अप्रैल को पहुंच भी गए। वहीं, फ्रांस पहले फेज में देश में आठ बड़े ऑक्सीजन प्लांट तुरंत लगाएगा और अगले हफ्ते तक वहां से 5 लिक्विड ऑक्सीजन कंटेनर पहुंचने लगेंगे। जर्मनी कोरोना महामारी से जांच की तकनीक पर वेबिनार कर जानकारी साझा करेगा। ऑस्ट्रेलिया से भी बड़े पैमाने पर वेंटिलेटर्स, सर्जिकल मास्क, दस्ताने और गॉगल्स आएंगे।
चिकित्सकीय सामग्री भेजेगा दक्षिण कोरिया-दक्षिण कोरिया ने कहा है कि वह भारत की मदद के लिए ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, कोविड-19 के उपचार में इस्तेमाल होने वाली किट और अन्य चिकित्सकीय सामग्री की आपूर्ति करेगा।