सेना के रिटायर्ड डॉक्टर्स संभालेंगे अब मोर्चा
   Date27-Apr-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 26 अप्रैल (ए)
देश में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज तीनों सेनाओं के प्रमुख (सीडीएस) जनरल विपिन रावत के साथ सशस्त्र सेनाओं द्वारा स्थिति से निपटने के लिए की जा रही तैयारियों और अन्य योजनाओं की समीक्षा की। जनरल रावत ने प्रधानमंत्री को बताया कि सशस्त्र सेनाओं से पिछले दो वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले सभी चिकित्साकर्मियों को उनके नजदीक के कोविड केन्द्रों में काम करने के लिए बुलाया जा रहा है। इससे पहले सेवानिवृत्त हुए चिकित्साकर्मियों से भी मेडिकल हेल्पलाइन के जरिए सहयोग करने को कहा जा रहा है, साथ ही स्टाफ मुख्यालयों में तैनात सभी चिकित्सा अधिकारियों को भी अस्पतालों में ड्यूटी के लिए भेजा जा रहा है। डॉक्टरों के सहयोग के लिए अस्पतालों में नर्सिंग सहायकों को भी बड़ी संख्या में तैनात किया जा रहा है। (शेष अंतिम पृष्ठ पर)
विभिन्न प्रतिष्ठानों में उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडरों को भी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में चिकित्सा सुविधा केन्द्र बनाये जा रहे हैं और इनमें आम नागरिकों को भी चिकित्सा सुविधा देने की योजना बनाई जा रही है। प्रधानमंत्री ने वायुसेना द्वारा देश में विभिन्न जगहों से तथा विदेशों से ऑक्सीजन लाने के लिए चलाये जा रहे अभियान की भी समीक्षा की। इसके साथ ही दूर दराज के क्षेत्रों में रहने वाले भूतपूर्व सैनिकों को केन्द्रीय और राज्य सैनिक कल्याण बोर्डों तथा सुविधा दिए जाने के बारे में भी चर्चा की गई।
केस बढऩे के बाद बढ़ी ऑक्सीजन की डिमांड
बता दें कि देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच ऑक्सीजन की भी डिमांड बढ़ गई है और मौजूदा अस्पतालों में बेड भी कम पड़ रहे हैं। ऐसे में सरकार ने भारतीय वायुसेना की मदद से ऑक्सीजनों को एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचा रही है। विदेश से भी ऑक्सीजन आयात किया जा रहा है।ठ्ठकमांड, कोर, डिविजन और नौसेना तथा वायुसेना के समान मुख्यालयों में तैनात सभी मेडिकल अफसर अस्पतालों में तैनात किए जाएंगे। अस्पतालों में डॉक्टरों की मदद के लिए बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ को तैनात किया जा रहा है। सशस्त्र बलों के विभिन्न प्रतिष्ठानों के पास उपलब्ध ऑक्सीजन सिलेंडर अस्पतालों को दिए जाएंगे।
ठ्ठबयान के मुताबिक सशस्त्र बल बड़ी संख्या में मेडिकल प्रतिष्ठान तैयार कर रहे हैं, जहां भी संभव होगा, सेना की मेडिकल सुविधाएं आम लोगों को उपलब्ध कराई जाएंगी। रावत के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश-विदेश से ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सामग्री की भारतीय वायुसेना द्वारा परिवहन की तैयारियों की समीक्षा भी की।