विषमतम संकटों से जूझने और विजयी होने की भारतीय क्षमता जग विदित
   Date25-Apr-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 24 अप्रैल (विप्र)
कोरोनाकाल की यह परिस्थिति विकट है, पर समाज की शक्ति भी कम नहीं होती। विषमतम संकटों से जूझने की हमारी क्षमता जगविदित है। हमारा विश्वास है कि धैर्य और मनोबल बनाए रखते हुए संयम, अनुशासन एवं परस्पर सहयोग के द्वारा हम इस भीषण परिस्थिति में भी अवश्य विजयी होंगे।
उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने व्यक्त किए। उन्होंने कोरोनाकाल में देशवासियों को जाग्रत करने वाला वह वक्तव्य शनिवार को प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी का संक्रमण एक बार पुन: भयानक चुनौती बनकर देश के सम्मुख खड़ा हुआ है। महामारी की संक्रामकता एवं भीषणता इस बार पहले से भी अधिक गम्भीर है। इसकी क्रूरतापूर्ण मार आज देश के अधिकांश भागों को झेलनी पड़ रही है। बड़ी संख्या में लोग संक्रमित होकर अस्पताल में दाखिल हो रहे हैं। सैकड़ों परिवारों ने अपने प्रियजनों को भी खोया है। इस आपदा में संत्रस्त सभी देशवासियों के प्रति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता है। दत्तात्रेयजी ने कहा कि महामारी के अचानक विकराल रूप लेने से अस्पतालों में बिस्तर, ऑक्सीजन या दवा जैसे आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण कष्टों का सामना करना पड़ रहा है। भारत जैसे विशाल देश में समस्या का स्वरूप भी वृहदाकार ले लेता है। केंद्र व राज्य के शासन और प्रशासन तथा स्थानीय निकायों द्वारा समस्या के निराकरण हेतु व्यापक प्रयास हो रहे हैं। चिकित्सा क्षेत्र के सभी बंधु-भगिनी, सुरक्षा एवं स्वच्छताकर्मी पहले की तरह जान हथेली पर रखकर तत्परता से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता हमेशा की भांति देशभर में विभिन्न प्रकार के सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। अनेक धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं के साथ सामान्य समाज भी स्वप्रेरणा से चुनौती की गम्भीरता को समझकर सभी प्रकार के प्रयासों में जुट गया है। दत्तात्रेयजी ने कहा कि यह भी सम्भव है कि समाज विघातक एवं भारत विरोधी शक्तियां इस गंभीर परिस्थिति का लाभ उठाकर देश में नकारात्मकता एवं अविश्वास का वातावरण खड़ा कर सकती हैं। देशवासियों को अपने सकारात्मक प्रयासों के साथ इन शक्तियों के षड्यंत्रों के प्रति भी सजग रहना होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ स्वयंसेवकों सहित समाज के सभी सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा सेवा संस्थाओं, उद्योगों एवं व्यावसायिक संस्थानों आदि क्षेत्रों के बंधुओं से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता है कि समस्या के निराकरण हेतु तत्परता एवं सेवाभाव से जुटकर किसी भी प्रकार के अभाव को दूर करने का हरसंभव प्रयास करें।