कृषि शोध से किसानों के जीवन में बदलाव आया- मंत्री तोमर
    Date17-Apr-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 16 अप्रैल (ए)
कृषि मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर ने कहा कि कृषि शोध एवं कृषि शिक्षा के माध्यम से देश के किसानों के जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है। पूसा संस्थान परिवार द्वारा उच्च अनुसंधान के साथ ही कृषि शिक्षा की बेहतरी के लिए लगातार एक के बाद एक नए आयाम जुड़ते जा रहे हैं, जिनका लाभ कृषि क्षेत्र को मिल रहा है।
श्री तोमर ने कहा कि कृषि शिक्षा को मजबूत करने के लिए प्रमुख गतिविधियों के अंतर्गत 18 कृषि विश्वविद्यालयों में वर्चुअल क्लास रूम स्थापित किए गए हैं। ये सभी कृषि में स्थापित केंद्रीय सॉफ्टवेयर से जुड़े हैं, जिससे समस्त 75 कृषि विश्वविद्यालयों के छात्र वर्चुअल क्लास रूम से जुड़ पाएंगे। इसका उद्देश्य कृषि विश्वविद्यालयों में शिक्षण व सीखने के अनुभव को प्रोत्साहन देना और रुचिकर बनाना है। केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में आईएआरआई के डिस्कवरी सेंटर एवं भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान के वर्चुअल क्लास रूम का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में, कृषि शोध एवं कृषि शिक्षा के माध्यम से देश के किसानों के जीवन स्तर में बदलाव आ रहा है। वर्चुअल क्लासेस के माध्यम से पूसा संस्थान में ही विद्वानों का मार्गदर्शन लेकर एक बार में ही बच्चों को रूबरू करा सकते हैं, इसमें समय व पैसा दोनों बचेंगे। इस दिशा में ये कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होंगे, ऐसा विश्वास है।
कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि प्रधान हमारे देश में कृषि हमारी रीढ़ है, कृषि क्षेत्र ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अपनी प्रासंगिकता को हमेशा सिद्ध किया है। देश में उन्नत कृषि हो, किसानों की आमदनी बढ़े, भावी पीढ़ी कृषि की ओर आकर्षित हो, कृषि उत्पादन का प्रोसेसिंग होकर रोजगार के अवसर सृजित करने का एक सशक्त माध्यम बने, कृषि उत्पादों का निर्यात हम बढ़ा सकें, कृषकों को वाजिब दाम दिला सकें, ये सब जिम्मेदारियां केंद्र और राज्य सरकारों के ऊपर है। सरकारें जब काम करती है तो विभिन्न योजनाएं बनकर उनका क्रियान्वयन होकर लाभ गांवों तक पहुंचता है व किसानों को, खेती को फायदा होता है।