कोटवानी परिवार पर दोहरा व्रजपात
    Date17-Apr-2021

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सुबह बड़े भाई मनोहर एवं शाम को पूर्व विधायक ने ली अंतिम सांस
उज्जैन ठ्ठ 16 अप्रैल (स्वदेश समाचार)
शहर के प्रतिष्ठित समाजसेवी, राजनीतिक, धार्मिक गतिविधियों में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाने वाले कोटवानी परिवार पर शुक्रवार के दिन दोहरा वज्रपात हुआ। उज्जैन दक्षिण से पूर्व विधायक और पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष शिवा कोटवानी का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वहीं इससे पहले शुक्रवार सुबह शिवा के बड़े भाई मनोहर कोटवानी (70) ने उज्जैन के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। दोनों भाई कोरोना संदिग्ध मरीज थे।
स्वामी विवेकानंद संस्था के संरक्षक मनोहर कोटवानी को कु छ दिन पूर्व बीमारी के चलते निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। वह गुजरात खनिज विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद उज्जैन अपने परिवार के साथ लंबे समय से रहे रहे थे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को लोगों तक पहुंचाने के लिए संस्था बनाई। उन्होंने बिड़ला चौराहे पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापति करने के लिए अभियान संचालित किया है। शुक्रवार सुबह उन्होंने निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली।
विचार के लिए समर्पित कोटवानी का जीवन-भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष व उज्जैन दक्षिण से विधायक शिवा कोटवानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयं सेवक रहे। वह छात्र जीवन में अभाविप में सक्रिय हुए और 73 में विवि के अध्यक्ष बने। इसके बाद उन्होंने राजनीति की तरफ रूख किया। भाजपा में विभिन्न पद पर जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने जिलाध्यक्ष का पद संभाला। इसी के साथ वह दो बार उज्जैन दक्षिण से चुनाव मैदान में उतरे। जहां उन्हें एक बार विधायक की जीत हासिल हुई। वह अपने समाज की गतिविधियों में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते थे।