नो मैंसलैंड पर अतिक्रमण रोकने के होंगे साझा प्रयास
    Date17-Apr-2021

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भारत-नेपाल में सभी मुद्दों पर सुलझाने पर बनी सहमति
चम्पावत ठ्ठ 16 अप्रैल (ए)
भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद एवं अन्य विवादित मुद्दों को आपसी सामंजस्य से सुलझाने पर सहमति बनी है। साथ ही नो मैंसलैंड पर अतिक्रमण को रोकेने के लिए साझा प्रयास किए जाएंगे।
यह निर्णय चम्पावत जिले के बनबसा स्थित राष्ट्रीय जल विद्युत निगम (एनएचपीसी) अतिथि गृह में भारत-नेपाल के अधिकारियों की शुक्रवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया है। बैठक में कोविड महामारी के बढ़ते प्रभाव, सीमा विवाद, तस्करी, सूखा बंदरगाह सहित विभिन्न मुद्दों में चर्चा की गई, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों की ओर से आपसी सामंजस्य से समस्याओं के निराकरण पर सहमति बनी।
चम्पावत के जिलाधिकारी विनीत तोमर की ओर से भारत-नेपाल पर ब्रह्मदेव में नो मैंसलैंड पर हुए अतिक्रमण पर भारत का पक्ष रखा गया। दोनों देशों के अधिकारियों ने कहा कि नो मैंसलैंड पर हुए अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रयास किए जाएंगे तथा दोनों देशों की ओर से सर्वे किए जाने के बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। सीडीओ नेपाल राम कुमार महतो ने नेपाल के अधिकारियों द्वारा समस्याओं का संज्ञान लेते हुए दोनों देशों के बीच आपसी सामंजस्य स्थापित कर समस्याओं को निपटाने में सहयोग की बात कही। नेपाल कंचनपुर के सीडीओ राम कुमार महतो ने बताया कि बैठक में नेपाल क्षेत्र में गैरकानूनी क्रियाकलापों, तस्करी रोकने, ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकने सहित विभिन्न समस्याओं के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण बैठक है। उन्होंने बताया कि नेपाल और भारत के बीच गहरा सम्बन्ध है और इसे अधिक मजबूत करने पर बल दिया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी बल दिया जाएगा।