राज्यसभा में 19 विधेयक पारित
   Date26-Mar-2021

dc5_1  H x W: 0
नई दिल्ली ठ्ठ 25 मार्च (ए)
राज्यसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण निर्धारित समय यानी आठ अप्रैल से पहले सम्पन्न हो गया।
सभापति एम वेंकैया नायडू ने आज कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले अपने समापन वक्तव्य में कहा कि संसद का यह दूसरा सत्र है, जो कोरोना महामारी के साये में हुआ है और यह संतोष की बात है कि इस दौरान कोविड प्रोटोकोल तथा सभी जरूरी मानक प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन किया गया। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दोनों चरणों के लिए कुल 33 बैठकें निर्धारित की गई थी, लेकिन दूसरे चरण के समय से पहले समाप्त होने के चलते कुल 23 बैठकें ही हो सकी। बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से 12 फरवरी तथा दूसरा चरण आठ मार्च से 25 मार्च तक चला। इस दौरान सदन में कुल 19 विधेयक पारित किए गए। इन 23 बैठकों के दौरान सदन की कार्यवाही 116 घंटे 31 मिनट के निर्धारित समय की तुलना में 104 घंटे 23 मिनट चली। इस तरह दोनों चरणों के दौरान सदन में उत्पादकता 90 प्रतिशत रही। व्यवधान के कारण सदन का 21 घंटे 26 मिनट का समय बर्बाद रहा हालांकि सदन ने निर्धारित समय से 14 घंटे और 28 मिनट अतिरिक्त समय बैठकर इसकी कुछ भरपाई की। उन्होंने कहा कि पिछले चार सत्र के दौरान सदन में औसतन 94 प्रतिशत कामकाज हुआ।
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित-लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। पीठासीन अधिकारी भर्तृहरि महताब ने प्रश्नकाल के तत्काल बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा कि दो चरणों मे संचालित इस सत्र के दौरान सदन में 114 फीसदी काम हुआ।
उन्होंने कहा कि बजट सत्र 29 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के साथ आरम्भ हुआ था और सत्रहवीं लोकसभा के अन्य सत्रों की भांति बजट सत्र में भी बहुत कामकाज हुआ।
उन्होंने बताया कि सत्र के दौरान सभा की 24 बैठकें हुई, जो 132 घंटे तक चलीं। इस सत्र के दौरान सदन का कामकाज 114 प्रतिशत रहा। इससे पहले प्रथम सत्र में 125 प्रतिशत, दूसरे सत्र में 115 प्रतिशत, तीसरे सत्र में 117 प्रतिशत और चौथे सत्र में रिकॉर्ड 167 प्रतिशत कार्य हुआ था।