ऑनलाइन क्लासेज से 30 फीसदी बच्चों की आंखें प्रभावित -डॉ. सोनी
   Date01-Mar-2021

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चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन की 35वीं ई-संगोष्ठी में परीक्षाओं में तनाव पर सार्थक संवाद
रविवार ठ्ठ 28 फरवरी (स्वदेश समाचार)
चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन एवं सेवा भारती की 35वीं ई संगोष्ठी में आज परीक्षाओं को लेकर बालमन की दुविधाओं एवं मनोविज्ञान पर उपयोगी चर्चा की गई। देश की ख्यातिनाम बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉ. ज्योति सोनी (केंद्रीय विद्यालय भोपाल)ने अपने 30 वर्षीय शैक्षणिक एवं शिक्षणोत्तर अनुभव के आधार पर कोविडकाल की व्यवहारिक परेशानी पर प्रकाश डाला।
डॉ. सोनी के अनुसार ऑनलाइन कक्षाओं ने बाल सुलभ जिज्ञासाओं को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। इस दौरान बच्चों का स्क्रीन टाइम बहुत बढ़ गया है। इससे स्वाभाविक शारीरिक विकास भी अवरुद्ध हुआ है। श्रीमती सोनी ने कोविडकाल के प्रभावों पर किए अपने अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि ऑनलाइन क्लासेज के चलते 30 प्रतिशत बच्चों की आंखों का नम्बर बढ़ा हुआ पाया गया है। 50 फीसदी बच्चों में मोटापे (ओबिसिटी) शिकायत सामने आई है। इसके अलावा बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बुरी तरह से प्रभावित हुई है, जिसके चलते देश के अधिसंख्य बच्चों में यह शिकायत सामने आई है कि वे मानसिक रूप से खुद को स्वतंत्र महसूस नहीं कर पा रहा है।
डॉ. सोनी ने बताया कि शिक्षक-बालक समय प्रबंधन भी इस वर्ष खत्म प्राय: रहा है, क्योंकि शिक्षकों ने भी अपनी सुविधानुसार अपने दायित्व को निभाने का प्रयास किया। इसके चलते विद्यालयीन सततता से सीखने का तत्व गायब हो गया। डॉ. सोनी के अनुसार टीचर्स के मध्य भी एक बड़ा तनाव इस दौरान देखा गया है, क्योंकि स्कूल में छोटे-छोटे कार्यक्रम तनाव घटाने का माध्यम होते हैं, लेकिन एक साल से यह प्रक्रिया बाधित हो गई। टीचर औऱ बच्चों के बीच स्वाभाविक रिश्ते की डोर भी इस दौरान कमजोर रही है।
सर्वे बताता है कि 50 फीसदी बच्चों के मध्य शिक्षक की मूल भूमिका सीमित हुई है। उन्होंने बताया कि विचारों का विनिमय सीखने की बुनियाद है, लेकिन कोविड ने इसे खत्म कर दिया। गूगल त्वरित प्रदर्शन का आधार तो बन सकता है, लेकिन यह स्थायी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन अवधि में बच्चों का डिजिटली प्रदर्शन 36 फीसदी बढ़ा है, लेकिन पर्यवेक्षण संदिग्ध होने के कारण यह स्थिति ऑफलाइन पद्वति में एक भय का वातावरण निर्मित कर रहा है। बच्चे डरे हुए हैं कि उनका प्रदर्शन परीक्षा हॉल में भी वैसा ही होगा या नहीं?
ई संगोष्ठी में मप्र के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, आसाम, राजस्थान, मणिपुर, गोवा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र,के प्रतिभागियो ने शिरकत की। आभार प्रदर्शन ग्वालियर के पूर्व अध्यक्ष डॉ. केके दीक्षित ने व्यक्त किया।