किसानों की मेहनत मध्यप्रदेश को फिर बनाएगी सिरमौर - मुख्यमंत्री
   Date01-Mar-2021

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गेहूं उपार्जन, परिवहन और भंडारण की अग्रिम व्यवस्थाएं
भोपाल ठ्ठ 28 फरवरी (ब्यूरो)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि इस बार पुन: मध्यप्रदेश के किसानों की मेहनत रंग लाएगी और गेहूं उपार्जन में प्रदेश पुन : देश में अव्वल होगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारे अन्नदाता किसानों को राज्य सरकार हरसंभव मदद कर रही है। रबी विपणन 2021-22 में किसानों की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिये पुख्ता इंतजाम किये जा चुके हैं, जिससे किसानों को अपनी उपज का विक्रय करने में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इस वर्ष भी ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन
किसानों की सहूलियत के लिये इस बार भी ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की व्यवस्था की गई है। पोर्टल पर अभी तक 21 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। पंजीयन का कार्य प्रदेश के 3518 केन्द्रों पर किया गया है। साथ ही गिरदावरी किसान एप, कॉमन सर्विस सेंटर और कियोस्क केन्द्रों पर भी किसानों को पंजीयन की सुविधा उपलब्ध करवाई गई। उपार्जन व्यवस्थाओं में यह प्रयास भी किया गया कि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रहे।
कुल 4500 केन्द्रों पर
होगी गेहूं खरीदी
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वर्ष भी प्रदेश के 4500 खरीदी केन्द्रों पर गेहूं उपार्जन का कार्य किया जाएगा। खरीदी कार्य में स्व-सहायता समूहों, एफपीयू और एफपीसी को भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ की खरीदी के साथ उसके भंडारण और परिवहन की पुख्ता व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। उपार्जन केन्द्रों पर गेहूँ खरीदी का कार्य मार्च माह से शुरू किया जाएगा। इसके लिये तय किया गया है कि इंदौर और उज्जैन में 22 मार्च से और शेष अन्य जिलों में एक अप्रैल से गेहूँ उपार्जन शुरू किया जाएगा। इस वर्ष लगभग एक करोड़ 25 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 20 लाख मीट्रिक टन दलहन एवं तिलहन उपार्जन का अनुमान है। उपार्जित स्कन्धों के शीघ्र परिवहन एवं भंडार की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।