पीएसएलवी-सी51 ने किया अमेजोनिया-1 को कक्षा में स्थापित
   Date01-Mar-2021

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श्रीहरिकोटा ठ्ठ 28 फरवरी (ए)
ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी)-सी51 ने ब्राजील के उपग्रह अमेजोनिया-1 को रविवार सुबह सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने वर्ष 2021 के अपने पहले मिशन के तहत आंध्रप्रदेश में श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 10.24 बजे पीएसएलवी-सी51 का ब्राजील के उपग्रह अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों के साथ प्रक्षेपण किया। उड़ान भरने के 17 मिनट बाद अमेजोनिया-1 प्रक्षेपण यान से अलग होकर 715 किलोमीटर की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित हो गया।
इसरो के अध्यक्ष के. शिवन ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि पीएसएलवी-सी51 ने ब्राजील के उपग्रह को कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है। इस अवसर पर डॉ. शिवन सहित मिशन से जुड़े सभी वैज्ञानिक उपस्थित थे। इसके बाद चौथे चरण का इंजन बंद होगा और दो बार 'रिस्टार्टÓ होगा। यह इसरो के सबसे लंबे मिशन में से एक है, जो लगभग दो घंटे तक चलेगा। चौथे चरण के इंजन के दूसरी बार स्टार्ट होने पर उड़ान भरने के एक घंटा 55 मिनट बाद अन्य 18 उपग्रह अपनी कक्षा में स्थापित किए जाएंगे। पीएसएलवी-सी51 को 22 घंटे 50 मिनट तक चली उलटी गिनती के बाद प्रक्षेपित किया गया। स्वदेश निर्मित 44.4 मीटर लंबे पीएसएलवी-सी51 के साथ ब्राजील के 637 किलो वजनी अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रह अंतरिक्ष में भेजे गए।
इस अवसर पर मिशन कंट्रोल सेंटर में मौजूद ब्राजील के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मार्कोस पोंटेस ने कहा कि वह इस मिशन की सफलता से बहुत खुश हैं। उन्होंने ब्राजीलियाई टीम के प्रत्येक व्यक्ति और ब्राजीलियन स्पेस एजेंसी को भी बधाई दी, जिन्होंने इस मिशन को सफल बनाने के लिए कठिन मेहनत की। उन्होंने कहा कि हम इतने सालों से काम कर रहे हैं ... कई टीमें, उद्योग इस उपग्रह को डिजाइन करने के लिए कई वर्षों से काम करते रहे हैं। उन्होंने इस सफलता को ब्राजीलियाई उद्योग जगत के नए युग की संज्ञा देते हुए कहा कि इस सफल मिशन के लिए भारत से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती थी। इसरो के साथ यह एक बहुत महत्वपूर्ण साझेदारी है, जो आगे भी जारी रहेगी। यह एक ऐसे मजबूत रिश्ते की शुरुआत है, जो एक साथ काम करेगा और एक साथ विजय हासिल करेगा।