मन की बात : प्रधानमंत्री बोले - तमिल भाषा न सीख पाना मेरी कमी
   Date01-Mar-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 28 फरवरी (वा)
प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में कहा कभी-कभी बहुत छोटा और साधारण सा सवाल भी मन को झकझोर जाता है। ये सवाल लंबे नहीं होते हैं, बहुत सामान्य होते हैं, फिर भी वे हमें सोचने पर मजबूर कर देते हैं। कुछ ही दिन पहले हैदराबाद की अपर्णा जी ने मुझसे एक ऐसा ही सवाल पूछा, उन्होंने पूछा कि आप इतने साल प्रधानमंत्री रहे, मुख्यमंत्री रहे, क्या आपको लगता हैं कि कुछ कमी रह गई है।
श्री मोदी ने कहा कि ये सवाल जितना सहज था उतना ही मुश्किल भी, मैंने इस पर विचार किया और खुद से कहा कि मेरी एक कमी ये रही कि मैं दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल सीखने के लिए बहुत प्रयास नहीं कर पाया, मैं तमिल नहीं सीख पाया। यह एक ऐसी सुंदर भाषा है, जो दुनिया भर में लोकप्रिय है। बहुत से लोगों ने मुझे तमिल साहित्य की क्वालिटी और इसमें लिखी गई कविताओं की गहराई के बारे में बहुत कुछ बताया है।
वहीं प्रधानमंत्री ने युवा छात्रों से कहा है कि उन्हें चिंतित होने की बजाय एक योद्धा की तरह परीक्षाओं की तैयारी करनी चाहिए। आने वाले कुछ महीने छात्रों के जीवन में विशेष महत्व रखते हैं। इस दौरान अधिकतर युवा साथियों की परीक्षाएं होंगी। ऐसे में उन्हें 'वॉरियरÓ बनना है 'वरीयरÓ नहीं। छात्रों को हंसते हुए परीक्षा देने जाना है और मुस्कुराते हुए लौटना है। किसी और से नहीं, अपने आप से ही स्पर्धा करनी है। श्री मोदी ने छात्रों को नसीहत देते हुए कहा कि युवा साथियों को परीक्षा के दौरान पर्याप्त नींद भी लेनी है और समय का प्रबंधन भी करना है। खेलना भी नहीं छोडऩा है, क्योंकि जो खेले, वो खिले। उन्होंने कहा कि छात्रों को तैयारियों का पूर्वाभ्यास और याद करने के कुशल तरीके अपनाने चाहिए ताकि और सर्वश्रेष्ठ को बाहर लाया जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा- हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी हम सब 'परीक्षा पे चर्चाÓ करेंगे, लेकिन मार्च में होने वाली 'परीक्षा पे चर्चाÓ से पहले मेरी आप सभी छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से निवेदन है कि अपने अनुभव, अपने सुझाव जरूर साझा करें। उन्होंने कहा- इस बार की 'परीक्षा पे चर्चाÓ में युवाओं के साथ-साथ, अभिभावक और शिक्षक भी आमंत्रित हैं। इसमें कैसे भाग लेना है और पुरस्कार कैसे जीतने है, कैसे मेरे साथ चर्चा का अवसर पाना है, ये सारी जानकारियां आपको 'माय जीओवीÓ एप पर मिलेंगी। श्री मोदी ने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक विद्यार्थी, करीब 40 हजार अभिभावक और कऱीब 10 हजार शिक्षक इसमें भाग ले चुके हैं। उन्होंने परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सबको भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हुए छात्रों को आने वाली परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं दीं।