धर्मांतरण के खिलाफ नए कानून के तहत आलीराजपुर में पादरी पर पहला मामला दर्ज
   Date09-Feb-2021

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जोबट ठ्ठ 8 फरवरी (स्वदेश समाचार)
आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ में समीपस्थ ग्राम जामूखेड़ा में रविवार को पादरी द्वारा सैकड़ों लोगों को रुपए व कीमती सामान का लालच देकर धर्मांतरण करवाया जा रहा था। इसी दौरान हिन्दू युवा जनजाति संगठन के कार्यकर्ता वहां पहुंचे गए। इस बात की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस पादरी और अन्य लोगों को थाने लाई। पादरी पर मप्र धर्म स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 में मामला दर्ज करने को लेकर संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने पर धरना दिया। काफी जद्दोजहद के बाद पादरी पर प्रकरण दर्ज किया गया। यह प्रदेश का दूसरा तथा आलीराजपुर का पहला मामला नए कानून के तहत दर्ज किया गया है। इसी दौरान ईसाई समाज की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष शीला सेंटियागो ओर एक अन्य महिला भी उदयगढ़ थाने पर पहुंच गई, जहां हिन्दू युवाओं को उकसाने के लिए जय यीशु-जय यीशु का नारे लगाते हुए धरने की तरफ आगे बढ़ी, जिससे हिन्दू संगठन का आक्रोश और बढ़ गया, साथ ही उक्त महिलाओ ने हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताधर्ताओं को गाली-गलौज कर अपशब्द बोलना शुरू कर दिया। हिन्दू संगठन के युवा आक्रोशित हो गए और महिलाओं को पुलिस बीच-बचाव के बाद थाने के अंदर ले गई। इस घटनाक्रम की जानकारी जिले के जनप्रतिनिधियों को लगी तो पूर्व विधायक माधौसिंह डावर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधायक नागरसिंह चौहान, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश अग्रवाल, मंडी अध्यक्ष आजमसिंह, भाजपा युवा मोर्च अध्यक्ष मोंटी भाई, उदयगढ़ ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष कमरू अजनार, मुकाम डावर समेत कई हिन्दू संगठन के जिला प्रमुख थाने पहुंच गए और धरना विशाल जनसंख्या में बदल गया, जब हंगामा बढऩे लगा तो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिट्टू सहगल भी पहुंचे, उसके बाद दोनों महिलाओं के विरुद्ध एक्रोसिटी का केस दर्ज किया गया। साथ ही ईसाई पादरी दिलीप रूपसिंग के खिलाफ मप्र धर्म स्वतंत्रता अध्यादेश 2020 की धारा 3, 5 का केस दर्ज किया गया। पादरी के खिलाफ थाने पर डेढ़ महीने पहले धर्मांतरण करा चुके ईश्वर नामक व्यक्ति ने बयान दिया था। इसी बयान पर प्रकरण दर्ज किया गया।