उत्तराखंड आपदा :अभी भी 200 से अधिक लोग लापता
   Date09-Feb-2021

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देहरादून ठ्ठ 8 फरवरी (ए)
उत्तराखंड में रविवार को चमोली जिले स्थित ऋषिगंगा में आई बाढ़ से पैदा हालात से निपटने के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य पुलिस के एक हजार से अधिक जवानों को बचाव और राहत अभियान में लगाया गया। जबकि सोमवार की रात 8 बजे जारी ब्रीफिंग के मुताबिक, रेस्क्यू टीम ने तपोवन इलाके से 26 शव और 05 मानव अंग निकाले हैं। अब तक 171 लोगों के लापता होने की जानकारी मिली है, जिनमें दूसरी टनल में फंसे 35 लोग भी शामिल हैं। वहीं, उत्तराखंड पुलिस ने बताया कि पूरे चमोली की बात करें तो हादसे के बाद अब तक करीब 202 लोगों के लापता होने की खबर है। इसके पूर्व इस आपदा में तपोवन-रैणी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले करीब दो सौ से ज्यादा कर्मी अभी भी लापता हैं, जबकि सुरंग के अंदर अभी भी करीब 30-35 श्रमिक फंसे हुए हैं। टनल के अंदर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए राहत व बचाव का कार्य युद्ध स्तर से जारी है। ग्लेशियर टूटने के चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर हैं। (शेष अंतिम पृष्ठ पर)
ऋषिगंगा प्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों को निकालने का अभियान रविवार देर रात नदी का जल स्तर बढऩे के कारण रोकना पड़ा है, लेकिन सोमवार सुबह-सुबह ही बचाव का कार्य शुरू कर दिया गया था। सोमवार सुबह से ही बहादुर जवान रेस्क्यू कार्यों में जुटे हुए हैं। नदी में बाढ़ आने की वजह से सुरंग में पानी भर गया था। पानी निकासी के बाद सुरंग के अंदर चारों ओर मलबा व गाद भरा हुआ है। करीब 180 मीटर लंबी सुरंग में राहत कार्यों में जुटे जवानों को फंसे श्रमिकों को बचाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बता दें कि सुरंग के अंदर अभी भी 35 के करीब श्रमिक फंसे हुए हैं। जवानों द्वारा जेसीबी और अन्य अत्याधुनिक मशीनों के सहारे रेस्क्यू कार्य किया जा रहा है। दिनभर भी कड़ी मेहनत के बाद जवान आखिरकार सुरंग के अंदर दाखिल हो गए हैं। सूत्रों की मानें तो रेस्क्यू कार्य देर रात तक जारी रहेगा ताकि टनल के अंदर फंसे श्रमिकों की जान बचाई जा सके। एसडीआरएफ की पुलिस उपमहानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों में बचाव कार्य के लिए सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ सहित एसडीआरएफ के जवान एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। सुरंग में से मलबा हटाने का कार्य युद्ध स्तर से किया जा रहा है। बता दें कि एनडीआरएफ जवानों की एक टुकड़ी पहले ही चमोली रवाना हो चुकी है।