नशेड़ी तोतों से किसान बचा रहे अफीम की फसल
   Date08-Feb-2021

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मंदसौर ठ्ठ बलवंत फांफरिया
अफीम की फसल का सीजन आते ही जिले के नशेड़ी तोते भी सक्रिय हो गए हैं। काले सोने वाले इस जिले में तोते भी अफीम के नशे के आदी हो गए हैं। तोतों के साथ ही अन्य पक्षी भी अफीम के खेतों में पहुंचकर डोडों से मादक पदार्थ का नशा करते हंै। तोतों का यह नशा करने का शौक किसानों के लिए नुकसान वाला साबित हो रहा है। इससे किसान अफीम को बचाने के लिए खेतों में पर जतन करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी अनुसार अभी तक अफीम व उससे बने उत्पाद के लत के शिकार जिले के लोग ही हो रहे थे पर अब तो तोते व कबूतर को भी अफीम की लत पड़ती जा रही है वे सीधे डोडों से निकली अफीम के शौकीन हो गए हैं। पक्षियों के इस शौक से किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। तोते व कबूतर के कारण डोडे टूट जाते हैं।
हालांकि अभी डोडे आए नहीं है, लेकिन पक्षियों से बचाव के लिए किसान तरह-तरह के जतन अभी से कर रहे हैं। पक्षियों के नशे के शौक के कारण अफीम औसत बनाए रखने में भी परेशानी आती हैै। अफीम उत्पादक किसानों की परेशानियां कम नहीं हो रही है। पहले मौसम की मार, फिर नीलगायों का उत्पात और अब तोतों व कबूतरों का फसल से डोडे से अफीम खाने से किसानों की नींद उड़ गई है।