बाचा बना मिसाल...
   Date21-Feb-2021

cv1_1  H x W: 0
देश का पहला सौर ऊर्जा आत्मनिर्भर गांव
भोपाल ठ्ठ 20 फरवरी (विप्र)
किसी भी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए संकल्प के साथ प्रयास जरूरी है। यह करके दिखाया बाचा गांव ने । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी तहसील की खदारा ग्राम पंचायत का बाचा गांव देश का पहला सौर ऊर्जा गांव बन गया है।
ठ्ठबाचा गांव बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी तहसील की खदारा ग्राम पंचायत का छोटा-सा गांव है। यह गांव सौर ऊर्जा समृद्ध गांव के रूप में देशभर में प्रतिष्ठा अर्जित कर चुका है। यहां की आबादी 450 है। यह मुख्य रूप से आदिवासी बहुल गांव है। गांव में अधिकतर गोंड परिवार रहते हैं।
ठ्ठगांव के सभी 75 घरों में अब सौर ऊर्जा पैनल लग गए हैं। सबके पास सौर ऊर्जा भंडारण करने वाली बैटरी, सौर ऊर्जा संचालित रसोई है। गांव की महिलाओं ने इंडक्शन चूल्हे का उपयोग करते हुए खुद को प्रौद्योगिकी के अनुकूल ढाल लिया है।
ठ्ठ वर्ष 2017 में आईआईटी बाम्बे और ओएनजीसी ने मिलकर बाचा गांव की ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने और इसे आत्मनिर्भर गांव बनाने के लिए चुना था।
ठ्ठअब यहां सौर ऊर्जा संचालित एलईडी बल्ब के साथ घरों की ऊर्जा आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा से आसानी से पूरा किया जा रहा है। इसके चलते गांव वाले इंडक्शन स्टोव का उपयोग करने के आदी हो चुके हैं।
ठ्ठदूध गर्म करना, चाय बनाना, दाल-चावल, सब्जी बनाना बहुत आसान हो गया है। बाचा ने आसपास के गांवों को भी प्रेरित किया है।