मल्लखम्ब का प्रशिक्षण वर्ग मील का पत्थर साबित होगा- अशोक सोहनी
   Date20-Feb-2021

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उज्जैन ठ्ठ स्वदेश समाचार
परंपरागत भारतीय खेल एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा घोषित राजकीय खेल मल्लखम्ब को आगे बढ़ाने की दिशा में मध्यप्रदेश मल्लखम्ब संघ, खेल एवं युवा कल्याण विभाग एवं माधव सेवा न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण का वर्ग मील का पत्थर साबित होगा। इससे आने वाले समय में देशभर में मल्लखम्ब के अच्छे प्रशिक्षक तैयार होंगे और इस खेल को जन-जन तक पहुंचाने में यह शिविर मददगार साबित होगा।
उक्त विचार अशोक सोहनी मध्य क्षेत्र संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने व्यक्त किए। आप माधव सेवा न्यास उज्जैन में आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन के अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। आपने कहा कि मल्लखम्ब का खेल वैसे तो प्राचीन समय से खेला जा रहा है, किंतु विगत कु छ वर्षों पूर्व ऐसा लगने लगा था कि इसका प्रभाव कम होता जा रहा है। उज्जैन से 10-15 साल पहले मल्लखम्ब की जो जोत जली, वह आज देशभर में प्रकाशमान हो रही है और आज हम कह सकते हैं कि मल्लखम्ब राष्ट्रीय स्तर पर है और निकट भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा। यह जो शिविर आयोजित किया गया है, इस शिविर में जो प्रशिक्षण दिया गया है। उससे निश्चित ही अच्छे प्रशिक्षक तैयार होंगे, जो अपने-अपने क्षेत्र में जाकर इस खेल के अच्छे खिलाड़ी तैयार करेंगे। श्री सोहनी ने आगे कहा कि मल्लखम्ब एक ऐसा खेल है, जिसमें ताकत के साथ-साथ एकाग्रता एवं योग का सामंजस्य रहता है।
शिविरार्थियों को दिए प्रमाण-पत्र- शिविर के संबंध में माधव सेवा न्यास के सचिव विपिन आर्य एवं मध्यप्रदेश मल्लखम्ब एसोसिएशन के सचिव किशोरी शरण श्रीवास्तव ने बताया कि मल्लखम्ब के शिविर में देशभर से 60 से ज्यादा प्रतिभागियों ने सहभागिता की। मल्लखम्ब के साथ-साथ शिक्षा विभाग एवं अन्य खेलों से जुड़े प्रतिभागी भी सम्मिलित हुए, जिनके रहने-खाने की व्यवस्था माधव सेवा न्यास परिसर में रही और समापन के अवसर पर उन्हें प्रमाण-पत्र दिया गया। इस प्रकार के आयोजन आने वाले समय में भी किए जाएंगे।
मल्लखम्ब से अन्य खिलाडिय़ों को भी जोड़ें- इस अवसर पर माधव सेवा न्यास के अध्यक्ष विजय केवलिया ने संबोधित करते हुए कहा कि यहां जो प्रतिभागी आए हैं, वह अपने व्यक्तिगत जीवन में भी कुछ अच्छे संस्कार लेकर जाएं, नियमित रूप से मल्लखम्ब को करें, बाकी अन्य खिलाडिय़ों व छात्र-छात्राओं को भी जोड़ें। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र जारी किए गए।
मल्लखम्ब के अंदर योग, जिम्नास्ट एवं मार्शल आर्ट- इस अवसर के मुख्य अतिथि उज्जैन जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिला खेल प्रमुख सत्येंद्र कु मार शुक्ला रहे। एसपी श्री शुक्ला ने सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि मल्लखम्ब के अंदर योग, जिम्नास्ट एवं मार्शल आर्ट तीनों का समावेश रहता है और एक अच्छा मल्लखम्ब खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत जीवन में भी सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि खेल से जुडऩे के बाद यदि कहीं से भी सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा मिलती है तो वह खेल के मैदान से ही मिलती है। उन्होंने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
खिलाड़ी व डॉक्टर का सम्मान- इस अवसर पर द्रोणाचार्य प्राप्त मल्लखम्ब खिलाड़ी योगेश मालवीय एवं योग डाइट एवं फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में विशेष उल्लेखनीय कार्य करने वाले डॉ. अनुराग आचार्य का शाल, श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। आभार मल्लखम्ब एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सोनू गहलोत ने माना।