बंगाल ही नहीं, भारत की विविधता के भी गौरव थे टैगोर - प्रधानमंत्री
   Date20-Feb-2021

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शांति निकेतन ठ्ठ 19 फरवरी (वा)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर बंगाल के ही नहीं, बल्कि भारत की विविधता के भी गौरव थे। श्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शुक्रवार को विश्व भारती विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के दौरान यह विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एवं विश्व भारती विश्वविद्यालय के रेक्टर जगदीप धनखड़ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंकÓ भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्र और शिक्षक केवल विश्वविद्यालय का हिस्सा नहीं होते, बल्कि वे एक जीवंत परंपरा के वाहक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने इस विश्वविद्यालय का नाम विश्व भारती रखा था और इससे उनके इस दृष्टिकोण का पता चलता है कि विश्व भारती में शिक्षा के लिए आने वाला हर व्यक्ति पूरी दुनिया को भारत और भारतीयता के नजरिये से देखेगा।
श्री मोदी ने कहा- उन्होंने (गुरुदेव) ने विश्व भारती को शिक्षा ग्रहण का ऐसा स्थान बनाया, जिसे भारत की समृद्ध विरासत के रूप में देखा जा सके। उन्होंने भारतीय विरासत को आत्मसात करने, इसका अध्ययन करने और गरीब से गरीब व्यक्ति की समस्याओं को हल करने की दिशा में काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव टैगोर के लिए विश्व भारती केवल ज्ञान प्रदान करने वाला एक संस्थान ही नहीं था, बल्कि भारतीय संस्कृति के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचने का एक प्रयास था।