मालवा- निमाड़ में अनेक जगह बारिश के साथ ओले भी गिरे
   Date19-Feb-2021

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गुरुवार ठ्ठ 18 फरवरी (स्वदेश समाचार)
मध्यप्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। गुरुवार को मालवा- निमाड़ मे अनेक जगह बारिश के साथ बड़े आकार के ओले भी गिरे। खरगोन, महू समेत कई इलाकों में बारिश हुई। साथ ही चने व सुपारी के आकार के ओले भी गिरे। कुछ स्थानों पर तो घर की छतें व सड़कें ओलों के कारण सफेद चादर में तब्दील हो गई। भगवानपुरा में बारिश के साथ तेज ओले भी गिरे जबकि महू व आसपास क्षेत्रों में 10 मिनट तक तेज बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों को नुकसान हुआ। बुरहानपुर व आसपास के क्षेत्रों में दोपहर को तेज हवाओं के साथ बारिश के कारण फसलें खेत में लेट गई।
भगवानपुरा में बारिश, गिरे ओले
खरगोन जिले में गुरुवार शाम को 5 बजे करीब आसमान में तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई। भगवानपुरा क्षेत्र के आमलियापानी, जलालाबाद, पिपलझोपा, गोपालपुरा, देजला, देवाड़ा, थरपुर, बागदरा में बारिश के साथ करीब 5 मिनट तक ओले गिरे। ओले गिरने के बाद घरों की छतें और पहाड़ी खेत पर जैसे सफेद चादर जम गई। अधिकतर जगहों पर किसानों की खड़ी गेहूं की फसल है तो कुछ जगहों पर गेहूं काट लिए गए और खेतों में ही पड़े हैं। ऐसे में बेमौसम मावठे से फसल नुकसानी की चिंता सताने लगी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक रिमझिम बारिश होती रही।
तेज हवा के साथ बारिश, गेहूं की फसल को ज्यादा नुकसान
बुरहानपुर जिले में मौसम के बदले मिजाज से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। गुरुवार दोपहर 12 बजे से तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर फसलें आड़ी पड़ गई। क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया। सिरपुर और डोईफोडिय़ा क्षेत्र के किसानों के करीब सौ हैक्टेयर में लगी गेहंू की फसल को 60 से 70 प्रतिशत नुकसान का अनुमान है। तेज हवा के चलते ग्रामीण क्षेत्र के सिरपुर, हसीनाबाद, कालापाट, लोखंडिया, मातापुर, डोईफोडिय़ा, कारखेड़ा, नायर, सायर, ताजनापुर, बलवाड़ा, नागझिरी आदि गांव के किसानों की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। हवा की चलते इन गांव की एक घंटे तक बिजली ठप हो गई।
इस मौसम परिवर्तन का कारण बंगाल में आने वाली नमी से मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच ट्रर्फ बनना है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिन बादल छाने और हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 22 फरवरी से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ सकती है। मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा ने बताया कि आने वाले दो से तीन दिनों तक उज्जैन को छोड़कर सभी संभाग में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। उज्जैन सूखा रहेगा।
फसल को नुकसान नहीं
मौसम वैज्ञानिक जीडी मिश्रा ने बताया कि बसंत के बाद मौसम बदलता है। इसमें हल्की बारिश होती है। धीमी गति से हवा चलती है। इससे फसलों को नुकसान होने की संभावना कम रहती है।
22 के बाद बढ़ेगी ठंड
प्रदेश में ठंड लौटने की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसम खुलने के बाद 22 फरवरी के बाद ठंड फिर लौट सकती है।