इतिहास वो नहीं, जो गुलामी की मानसिकता रखने वालों ने लिखा
   Date17-Feb-2021

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बहराइच/लखनऊ ठ्ठ 16 फरवरी (ए)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि देश का इतिहास वो नहीं है, जो भारत को गुलाम बनाने वाले और गुलामी की मानसिकता रखने वाले लोगों ने लिखा है, बल्कि इतिहास वो है, जो लोककथाओं के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होता है। बहराइच में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में महाराजा सुहेलदेव के भव्य स्मारक का वर्चुअल शिलान्यास करने के बाद श्री मोदी ने कहा कि अपने पराक्रम से मातृभूमि का मान बढ़ाने वाले महाराजा सुहेलदेव सरीखे कई राष्ट्र नायकों को इतिहास से दरकिनार कर दिया गया। उन्हें इतिहास में वो स्थान नहीं मिला, जिसके वो हकदार थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल, सुभाषचंद्र बोस और डॉ. भीमराव आम्बेडकर को भी ऐसे लोगों ने ही उचित सम्मान नहीं दिया।
वह खुद को भाग्यशाली समझते है कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के भव्य स्मारक के शिलान्यास का सौभाग्य मिला। योगी सरकार के कार्यों की जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में उत्तरप्रदेश में जो प्रयास हुए हैं, उनका प्रभाव नजर आने लगा है।
आज जिस राज्य में सबसे ज्यादा पर्यटक आते हैं, उसका नाम उत्तरप्रदेश है। विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करने में उप्र देश के टॉप तीन राज्यों में जगह बना चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा- हमारी कोशिश है कि हम देश के इन महापुरुषों का सम्मान करें। हमारे राष्ट्र नायकों के साथ इतिहास लिखने वालों ने जो अन्याय किया, उसे आज का भारत सुधार रहा है। आधुनिक एवं भव्य स्मारक और ऐतिहासिक चित्तौरा झील का विकास आने वाली पीढिय़ों को प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि बीते कुछ सालों में देशभर में इतिहास, आस्था, अध्यात्म, संस्कृति से जुड़े जितने भी स्मारकों का निर्माण किया जा रहा है, उनका बहुत बड़ा लक्ष्य पर्यटन को बढ़ावा देने का भी है। उत्तरप्रदेश पर्यटन व तीर्थाटन दोनों के मामले में समृद्ध है। यहां इसके विस्तार की क्षमताएं भी अपार हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कोरोना के बेहतर प्रबंधन के लिए तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके कुशल नेतृत्व ने कोरोना को फैलने से रोक लिया। बहराइच से एक बार फिर किसानों को समझाने का प्रयास करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर कुछ लोग किसानों में केवल भ्रम फैला रहे हैं, जिन्होंने किसानों की जमीन छीन ली, वो नहीं चाहते कि किसानों की आय बढ़ जाए और वो पूरी तरह आत्मनिर्भर बन जाएं।