भोजशाला में दर्शन को उमड़ा सैलाब
   Date17-Feb-2021

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धार ठ्ठ 16 फरवरी (स्वदेश समाचार)
भोजशाला की मुक्ति और उसके गौरव तथा माँ वाग्देवी की पुनस्र्थापना के संकल्प के साथ धारानगरी के सकल हिन्दूजन बंधुओं एवं मातृशक्ति द्वारा वसंत पंचमी के पावन पर्व पर माँ वाग्देवी की भव्य शोभायात्रा उदाजीराव चौराहा लालबाग़ से पूर्ण वैभव के साथ नगर के प्रमुख मार्गों से धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में हिन्दूजन और मातृशक्ति सम्मिलित हुए। मंगलवार प्रात: 7 बजे से ही भोजशाला में परम्परा अनुसार 11 ब्राह्मणों द्वारा पूर्ण विधि-विधान से यज्ञ हवन प्रारम्भ किया गया। साथ ही प्रति मंगलवार अनुसार सत्याग्रहियों द्वारा बड़ी संख्या में नियमित सत्याग्रह किया गया। वसंत पंचमी के पावन पर्व पर भोर होते ही धारानगरी के हजारों धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने भोजशाला में माँ वाग्देवी के दर्शन कर, हवन में आहुति डाल धर्मलाभ लिया। सायं 6 बजे हवन की पूर्णाहुति हुई, जिसमें भी सैकड़ों हिन्दू बंधु एवं मातृशक्ति शामिल हुए।
सरकार अपना वादा निभाए-शोभायात्रा में चतुर्भुज श्रीराम मंदिर के महंत महामंडलेश्वर श्री 1008 डॉ. श्री श्री नरसिंग दासजी महाराज, पंच तेरह भाई त्यागी खाक चौक अयोध्या से पधारे महंत श्री मदन मोहन शरणजी महाराज सम्मिलित हुए। शोभायात्रा एवं संतश्री का नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत हिन्दूजनो द्वारा किया गया। शोभायात्रा पश्चात धर्मसभा का आयोजन किया गया था। धर्मसभा की अध्यक्षता डॉ. ईश्वरजी सोलंकी द्वारा की गई। धर्म जागरण समन्वय विभाग के विभाग संयोजक गोपालजी शर्मा द्वारा भोजशाला आंदोलन, भोजशाला का इतिहास और सत्याग्रह की सम्पूर्ण रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री से माँ वाग्देवी की मुक्ति एवं भोजशाला में पुनस्र्थापना हेतु मांग की गई। मुख्यमंत्री को उनके द्वारा किए गए वादे की याद दिलाई गई। श्री शर्मा ने आक्रोशित लहजे में कहा के हर दल ने भोजशाला आंदोलन को सत्ता के लिए बहुसंख्यक समाज का अपमान कर नमाज कैसे हो, इसकी चिंता की है। चेतावनी देते शर्मा ने कहा कि ये आंदोलन किसी सरकार, नेता, दल के उपयोग हेतु नहीं है। ये समग्र हिन्दू समाज के स्वाभिमान का प्रतीक है। अतिथियों के स्वागत पश्चात, अतिथियों का परिचय महाराजा भोज उत्सव समिति के महामंत्री हेमंत दौराया द्वारा दिया गया। धर्मसभा में कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. ईश्वरजी सोलंकी ने भी अपने उद्बोधन में राज्य सरकार से माँ वाग्देवी की मुक्ति और पुनस्र्थापना की मांग की।
भोजकाल में उन्नत था धर्म और विज्ञान-कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता महंत डॉ. नरसिंगदासजी महाराज ने महाराजा भोज के समय उन्नत धर्म और विज्ञान के बारे में बताते हुए भोजकाल में किए अविष्कार औैर भोज की विद्वता पर प्रकाश डाला। सकल हिन्दू समाज से माँ वाग्देवी की मुक्ति हेतु चल रहे आंदोलन में सक्रिय भागीदार बनने हेतु आव्हान किया। धर्मसभा हेतु समिति के अध्यक्ष श्री राजेश शुक्ला ने सभी अतिथियों एवं हिन्दूजनों का आभार व्यक्त किया। धर्मसभा पश्चात भोजशाला में स्थापित माँ वाग्देवी की महाआरती महंत और संतश्री के सान्निध्य में हिन्दू समाज द्वारा की गई। धर्मसभा का संचालन धर्म जागरण समन्वय के नगर संयोजक निलेशजी परमार द्वारा किया गया। धर्मसभा पश्चात परम्परा अनुसार दोपहर 1 बजे पंडित देवेंद्रजी शर्मा द्वारा 3 से 5 वर्ष तक आयु के बालक-बालिकाओं के वेदारम्भ संस्कार सम्पन्न किया गया।