दिशा, निकिता और शांतनु ने बनाई टूलकिट, रची साजिश
   Date16-Feb-2021

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टूलकिट मामला : पुलिस के नए खुलासे - डिजिटल स्ट्राइक की थी तैयारी
निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
नई दिल्ली ठ्ठ 15 फरवरी (ए)
ग्रेटा थनबर्ग टूलकिट केस में एक्टिविस्ट दिशा रवि की गिरफ्तारी के दूसरे दिन दिल्ली पुलिस उनके करीबियों की तलाश कर रही है। दिल्ली की एक कोर्ट ने सोमवार को दिशा के 2 साथियों निकिता जैकब और शांतनु के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। निकिता ने इसके खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में ट्रांजिट बेल की अर्जी दायर कर दी है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। इस बीच, पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि बेंगलुरु की एक्टिविस्ट दिशा, मुंबई की एक्टिविस्ट वकील निकिता और उनके साथी शांतनु ने खालिस्तानी समर्थक पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन के साथ जूम एप पर मीटिंग की थी। सोशल मीडिया पर खलबली मचाना और एक तरह से डिजिटल स्ट्राइक को अंजाम देना इस मीटिंग का मकसद था। इसी के मुताबिक टूलकिट बनाई गई।
वहीं दिल्ली पुलिस अब एक के बाद एक कडिय़ां जोड़ती जा रही है। इस मामले में नए-नए खुलासे हो रहे हैं और नए नाम भी सामने आ रहे हैं। दिशा रवि की गिरफ्तारी के बाद अब तक इसमें दो और नाम निकिता और शांतनु सामने आए थे। अब सोमवार को इसमें एक तीसरा नाम भी सामने आया, ये तीसरा नाम पीटर फेड्रिक का है। उधर दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गूगल को लेटर भी भेजा था। गूगल की ओर से दिल्ली पुलिस की ओर से भेजे गए सवालों के जवाब भी भेज दिए गए हैं। दिशा रवि ने जो टूलकिट एडिट किया था, उसमें पीटर फेड्रिक को भी टैग किया था। इसके अलावा एक और बात पता चली है कि ये लोग खालिस्तानी भजन सिंह भिंडर के संपर्क में थे।