सदन में भावुक हुए प्रधानमंत्री
   Date10-Feb-2021

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दल के साथ देश और सदन की भी चिंता की आजाद ने - मोदी
नई दिल्ली ठ्ठ 9 फरवरी (ए)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कभी नेता विपक्ष के रूप में केवल अपना दबदबा बनाये रखने की कोशिश नहीं की, बल्कि उन्होंने अपने दल के साथ-साथ देश तथा सदन की भी चिंता की। श्री मोदी ने श्री आजाद का उच्च सदन में कार्यकाल पूरा होने के मौके पर मंगलवार को विदाई संबोधन में यह बात कही। प्रधानमंत्री 16 मिनट बोले, इनमें से 12 मिनट आजाद पर बात रखी। इतने भावुक हुए कि रो दिए, आंसू पोंछे, पानी पिया। करीब 6 मिनट तक सिसकियां लेते हुए आजाद से अपने संबंधों को याद करते रहे।
श्री आजाद के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर से राज्यसभा में सदस्य मीर फय्याज, शमशेर सिंह मन्हास और नजीर अहमद को भी विदाई दी गई। श्री आजाद और श्री अहमद का कार्यकाल 15 फरवरी को, जबकि श्री मन्हास और श्री फय्याज का कार्यकाल 10 फरवरी को पूरा हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री आजाद अपने दायित्व के प्रति बहुत सजग थे और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। ऐसा लगता है कि उनके उत्तराधिकारी के लिए उनकी जगह लेना बहुत कठिन होगा। उन्होंने कहा कि श्री आजाद ने नेता विपक्ष के रूप में कभी अपना दबदबा बनाये रखने की कोशिश नहीं की और अपने दल के साथ साथ देश और सदन की भी चिंता की ।