बाबा महाकाल की भस्म आरती में 15 मार्च से शामिल हो सकेंगे भक्त
   Date10-Feb-2021

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ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर मंदिर भक्तों के लिए ग्यारह महीने बाद आज से खुलेंगे, भक्तजन जल एवं बिल्वपत्र आदि भी चढ़ा सकेंगे
उज्जैन/ओंकारेश्वर ठ्ठ (स्वदेश समाचार)
बाबा श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती के दर्शन के लिए भक्तों को 15 मार्च तक इंतजार करना होगा। साथ ही अभी गर्भगृह में भी भक्तों को प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रतिदिन हरिओम जल चढ़ाने वालों को अनुमति देने का निर्णय भी अभी विचारणीय है। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की बैठक मंगलवार को प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में मेला कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि भस्म आरती में दर्शनार्थियों की प्रवेश व्यवस्था आगामी 15 मार्च से प्रारंभ की जाए। साथ ही गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति के संबंध में भी 15 मार्च के बाद विचार किया जाएगा। वहीं ओंकारेश्वर में लगभग 11 महीने के अंतराल के बाद बुधवार से ओंकारेश्वर एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के अंतर्गत आने वाले दोनों प्रमुख मंदिरों को सामान्य रूप से भक्तजनों के दर्शन के लिए खोला जा रहा है। इस संबंधी निर्णय ओंकारेश्वर के पुलिस थाना परिसर में आयोजित आगामी नर्मदा जयंती महोत्सव की तैयारी को लेकर आयोजित बैठक में लिया गया है। बैठक में राजस्व एवं पुलिस विभाग ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट तथा नगर परिषद ओंकारेश्वर के अधिकारी एवं कर्मचारीगणों के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं पत्रकारगण भी उपस्थित थे। बैठक में आगामी 19 फरवरी को आने वाले नर्मदा जयंती महोत्सव व्यवस्था को लेकर अनेक तरह के निर्णय लिए गए। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि बुधवार दोपहर बाद से ओंकारेश्वर मंदिर में शिव भक्तों को मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करने की इजाजत दी जाएगी। साथ ही वे अपने साथ लाए गए जल एवं बिल्वपत्र भी चढ़ा सकेंगे।