मध्यप्रदेश में अभी नहीं होंगे पंचायत चुनाव
   Date27-Dec-2021

se3_1
शिवराज मंत्रिमंडल में प्रस्ताव पर बनी सहमति
भोपाल ठ्ठ 26 दिसम्बर (ब्यूरो)
शिवराज मंत्रिमंडल ने पंचायत चुनाव निरस्त कराने के लिए मुहर लगा दी है। कैबिनेट ने रविवार को पंचायती राज संशोधन अध्यादेश को वापस लेने का प्रस्ताव पारित कर साफ कर दिया कि प्रदेश में फिलहाल पंचायत चुनाव नहीं होंगे। यह प्रस्ताव राजभवन भेज दिया गया है। अध्यादेश वापस लेने की अधिसूचना सोमवार को जारी हो सकती है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने रविवार दोपहर बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया। राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव पर अगला फैसला कल ले सकता है।
राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार के अध्यादेश लागू होने के बाद परिसीमन और आरक्षण की नई व्यवस्था के आधार पर ही पंचायत चुनाव किए जा रहे हैं, लेकिन अब चल रही प्रक्रिया को रोकना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा के संकल्प और अध्यादेश वापस लेने की अधिसूचना जारी होने के बाद मौजूदा चुनाव प्रक्रिया को रोक दिया जाएगा।
कांग्रेस ने खड़ा किया बखेड़ा - पंचायत मंत्री-पंचायती में ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया ने कहा कि अध्यादेश को पारित किए बिना ओबीसी आरक्षण और परिसीमन नहीं किया जा सकता है। अब आगे की प्रक्रिया राज्य निर्वाचन आयोग को सुनिश्चित करना है। चुनाव कराने या न कराने का फैसला निर्वाचन आयोग को करना है। सरकार ने अपनी भूमिका स्पष्ट कर दी है। सिसौदिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शुरू से ही पंचायत चुनाव में विवाद खड़ा करने का प्रयास किया है। कांग्रेस के लोगों ने कोई ऐसी अदालत नहीं छोड़ी, जहां पंचायत चुनाव के विरोध में नहीं गए। मुख्यमंत्री शुरुआत से ही इस बात को लेकर प्रतिबद्ध थे कि बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव न हो। सदन में अपरिहार्य कारणों से संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया और सुप्रीम कोर्ट का भी आदेश था।
आरक्षण में करना होगा ट्रिपल टेस्ट का पालन-सुप्रीम कोर्ट ने मप्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि ट्रिपल टेस्ट का पालन किए बिना आरक्षण के फैसले को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि कानून के दायरे में ही रहकर चुनाव करवाए। ओबीसी के लिए निर्धारित सीटों को सामान्य सीटों में तब्दील करने की अधिसूचना जारी करे।