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   Date18-Dec-2021

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मप्र पंचायत चुनाव : कानून के दायरे में रहकर चुनाव कराएं वरना रद्द कर देंगे - सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली/भोपाल ठ्ठ 17 दिसम्बर (ब्यूरो)
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव पर बड़ा निर्णय लिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने ओबीसी के लिए रिजर्व जिला पंचायत सदस्य, जनपद, सरपंच व पंच के पदों के निर्वाचन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह निर्णय शुक्रवार देर शाम लिया गया। इससे पहले पंचायत विभाग ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण पद के लिए शनिवार को होने वाली आरक्षण प्रक्रिया को भी स्थगित कर दिया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बीएस जामोद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेश के पालन में पंचायतों के निर्वाचन वर्ष 2021-22 के लिए जारी कार्यक्रम के तहत ओबीसी के लिए आरक्षित पंच, सरपंच, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत सदस्य के पदों की निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। इस संबंध में कार्यवाही के लिए सभी कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कहा है कि कानून के दायरे में ही रहकर चुनाव करवाएं और ओबीसी के लिए निर्धारित सीटों को सामान्य सीटों में तब्दील करने की अधिसूचना जारी करें। मध्यप्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण पर चुनाव नहीं होगा। ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों को सामान्य सीट मानते हुए चुनाव कराने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ट्रिपल टेस्ट का पालन किए बिना आरक्षण के फैसले को स्वीकार नहीं किया जा सकता, जो अनिवार्य है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग से कहा कि कानून के दायरे में ही रहकर चुनाव करवाएं और ओबीसी के लिए निर्धारित सीटों को सामान्य सीटों में तब्दील करने की अधिसूचना जारी करें। अदालत ने कहा कि कानून का पालन नहीं होगा तो भविष्य में सुप्रीम कोर्ट चुनाव को रद्द भी कर सकता है।