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   Date13-Dec-2021

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उज्जैन ठ्ठ 12 दिसम्बर कालिदास अकादमी में स्वराज अमृत महोत्सव आयोजन समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जे. नंदकु मार ने कहा कि, उन सभी महापुरुषों को याद करने की महती आवश्यकता है जिन्होंने कला, संस्कृ ति विज्ञान, साहित्य, उद्योग आदि की स्वतंत्रता के लिए स्वतंत्रता सेनानी के रूप में ही अपना अमूल्य योगदान दिया, जिनमें हम रविंद्र नाथ टैगोर, नंदलाल बॉस ,बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, जगदीश चंद्र बसु, जमशेदजी टाटा जैसे असंख्य विभूतियों को सम्मिलित करते हैं। नंदकुमारजी ने कहा कि, यह भी मिथ्या है कि स्वतंत्रता का आंदोलन वर्ष 1885 से प्रारंभ हुआ। वास्तव में ब्रिटिश कॉलोनी के विरुद्ध स्थानीय स्तर पर विद्रोह एवं आंदोलन वर्ष 1766 के आस-पास ही प्रारंभ हो चुके थे।
वंदे मातरम् गायन से हुआ कार्यक्रम का समापन -कार्यक्रम की भूमिका समिति के अध्यक्ष वरुण गुप्ता द्वारा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का ओजस्वी संचालन कवि राहुल शर्मा ने किया। कार्यक्रम का समापन अनुष्का बाजीराव द्वारा वंदे मातरम् के गायन से हुआ। धर्मेन्द्र सिंह परिहार में बताया कि, कार्यक्रम में संघ के प्रकाश शास्त्री मंचासीन रहे, साथ ही सह प्रांत प्रचारक राजमोहनजी, शम्भू प्रसादजी गिरी, डॉ. सुधीर गवारिकर, शिक्षाविद सुनील खत्री सहित शहर के विभिन्न वर्ग के प्रबुद्धजनों एवं मातृशक्ति ने सहभागिता की।