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   Date04-Nov-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 3 नवम्बर (ए)
केन्द्र सरकार ने महंगाई से परेशान उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने एवं किसानों को रबी सीजन में सस्ता ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दीपावली के तोहफे के तौर पर पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में क्रमश: 5 रुपए और 10 रुपए की कटौती करने का निर्णय लिया है, जिससे इन दोनों की कीमतें कम होंगी। ये कटौती कल से प्रभावी हो जाएगी।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस कटौती के अनुरूप ही इन दोनों ईंधन की कीमतें भी कम हो जाएंगी। सरकार ने कहा कि पेट्रोल की तुलना में डीजल पर उत्पाद शुल्क में दो गुनी कटौती की गयी है ताकि रबी सीजन में किसानों को राहत मिल सके। बयान में कहा गया है कि हाल के महीने में वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में तेजी आयी है और उसके अनुरूप ही घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढोतरी हुयी है।
दुनिया भर को तेल की कमी का ऐहसास हुआ है और कीमतों में इसके कारण बढोतरी हुयी है। केन्द्र सरकार ने देश में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की है जिसके परिणामस्वरूप देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता मांग के अनुरूप रही है।
बयान में कहा गया है कि कोरोना के कारण आयी आर्थिक सुस्ती में देश के आकांक्षी लोगों की उद्यमशिलता की क्षमता के बल पर अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर लौटी है। अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, सेवा या कृषि के बेहतर प्रदर्शन से आर्थिक गतिविधियां पटरी पर लौटी है।
मंत्रालय ने कहा है कि अर्थव्यवस्था को तीव्र गति प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में यह कटौती का निर्णय लिया है। इस कटौती से इन दोनों उत्पादों की मांग बढ़ेगी और महंगाई को कम करने में मदद मिलेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत पहुंचेगी।
केंद्र ने राज्यों से की वैट घटाने की अपील
उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों से पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने की अपील की है, ताकि लोगों को महंगाई से निजात मिल सके। अलग-अलग राज्य सरकारें 20 से 35 फीसदी तक वैट वसूलती हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक डीजल पर उत्पाद शुल्क के घटने से किसानों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, क्योंकि जल्द ही रबी फसल की बुवाई होने वाली है। इस कटौती का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलने वाला है।