new delhi
   Date25-Nov-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 24 नवम्बर (ए)
सरकार ने कोविड-19 महामारी के दौरान आम लोगों के लिए शुरू की गई मुफ्त राशन योजना को मार्च 2022 तक बढ़ाने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल के फैसलों पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने आज यह जानकारी दी। पांचवें चरण के तहत खाद्यान्न पर 53,344.52 करोड़ रुपए की अनुमानित खाद्य सब्सिडी होगी। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने कृषि कानून वापसी का प्रस्ताव भी मंजूर कर लिया है जिसे संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की औपचारिकताएं पूरी की। संसद के आगामी सत्र के दौरान इन तीन कानूनों को वापस लेना हमारी प्राथमिकता होगी।
80 करोड़ लाभार्थियों को 5 किलो मुफ्त अनाज-पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो खाद्यान्न मुफ्त प्रदान किया जा रहा है। कोविड 19 महामारी के बीच गरीब लोगों को राहत प्रदान करने के लिए यह योजना शुरू में अप्रैल 2020 से तीन महीने के लिए शुरू की गई थी, जिसके कारण देशव्यापी तालाबंदी हुई। तब से इसे कई बार बढ़ाया जा चुका है।
53,344 करोड़ रु.का भार आएगा-अनुराग ठाकुर ने कहा कि इससे राजकोष पर अतिरिक्त 53,344 करोड़ रुपए का भार आएगा, पीएमजीकेएवाई की कुल लागत इस विस्तार सहित लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। पीएमजीकेएवाई को कोविड-19 महामारी के कारण हुए संकट को दूर करने के लिए तीन महीने (अप्रैल-जून 2020) के लिए प्रदान किया गया था। हालांकि, संकट जारी रहने के साथ कार्यक्रम को और पांच महीने (जुलाई-नवंबर 2020) के लिए बढ़ा दिया गया था।