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   Date16-Nov-2021

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भोपाल द्य 15 नवम्बर (ब्यूरो)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर यहां जम्बूरी मैदान पर जनजातीय गौरव दिवस आयोजन को संबोधित किया। किसी राजनीतिक दल का नाम लिए बगैर आज कहा कि हमारे देश में जनजातीय समुदाय से जुड़े लोगों का संस्कृति और राष्ट्र के संरक्षण में अतुलनीय योगदान रहा है, लेकिन देश की आजादी के बाद से ही जनजातीय लोगों के सामथ्र्य को नजरअंदाज किया गया।
श्री मोदी ने अपने लगभग 35 मिनट के भाषण में कहा कि देश की आजादी के बाद से ही जिन्होंने सरकारें चलाईं, उन्होंने आदिवासियों के सामथ्र्य को नजरअंदाज किया। इन लोगों ने जनजाति से जुड़े लोगों को कभी तवज्जो नहीं दी, अलबत्ता चुनाव के समय जरूर उनका वोट बैंक के रूप में उपयोग किया। ऐसे लोगों ने जनजातीय क्षेत्रों में खूब दोहन किया और जनजाति वर्ग को हमेशा प्राथमिकता से अलग रखा। उन्हें सुविधाओं से वंचित किया गया। जनजातीय समुदाय का जितना विकास और जब होना चाहिए था, वह सब नहीं किया गया। इस तरह आदिवासियों के साथ अपराध किया गया। श्री मोदी ने कहा कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भीउन्होंने जनजातीय समुदाय से जुड़े लोगों का विकास किया और केंद्र में आने के बाद भी इनके विकास के कार्य लगातार किए जा रहे हैं। उन्होंने अनेक योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय का और तेजी से विकास किया जाएगा। इसके अलावा बिरसा मुंडा की जयंती प्रतिवर्ष देश में इसी तरह भव्य तरीके से मनाई जाएगी। प्रधानमंत्री के समक्ष राशन आपके ग्राम योजना, मध्यप्रदेश सिकलसेल मिशन और प्रदेश में टीकाकरण उपलब्धि तथा शत-प्रतिशत कोविड-19 करो उपलब्धि वाले जनजातीय बहुल ग्राम नरसिंहरुंडा जिला झाबुआ पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। उन्होंने 50 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों का वर्चुअल भूमिपूजन भी किया। रतलाम जिले के बाजना में बने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का लोकार्पण किया।
जनजातीय कलाकारों में सृजन की अद्भुत क्षमताएं हैं - श्री मोदी ने कहा कि जनजातीय कलाकारों में सृजन की अद्भुत क्षमताएं हैं। आज जनजातीय कलाकृति प्रदर्शनी में श्रेष्ठ कलाकृतियां देखने को मिली हैं। इन कलाकारों की अंगुलियों में अद्भुत ताकत है। जनजातीय कलाकृतियों एवं उत्पादों को सरकार द्वारा अब उचित बाजार प्रदान किया जा रहा है। इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ट्राइफेड पोर्टल के माध्यम से जनजातीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
सभी की तरह जनजातीय समाज को भी तरक्की का हर मौका दिया - मोदी ने जनजातीय समाज के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता निरूपित करते हुए कहा कि देश का विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक हर व्यक्ति की इसमें उचित हिस्सेदारी न हो। सरकार द्वारा हर अन्य वर्गों की तरह जनजातीय समाज को भी तरक्की का हर मौका दिया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में भी शिक्षा, आवास, बिजली, गैस, इलाज आदि सभी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। देश में जल-जीवन मिशन प्रारंभ कर हर घर में नल से जल पहुंचाया जा रहा है।
खनिज निधि से 50 हजार करोड़ के लाभ में जनजातीय वर्ग हिस्सेदार - श्री मोदी ने कहा कि खनिज नीति में ऐसे परिवर्तन किए, जिनसे जनजातीय वर्ग को वन क्षेत्रों में खनिजों के उत्खनन से लाभ मिलने लगा है। जिला खनिज निधि से 50 हजार करोड़ रुपए के लाभ में जनजातीय वर्ग हिस्सेदार है। जनजातीय समाज को यह सम्पदा काम आ रही है। खनन क्षेत्र में रोजगार संभावनाओं को बढ़ाया गया है। बांस की खेती जैसे सरल कार्य को पूर्व सरकारों ने कानूनों में जकड़ दिया था, जिन्हें संशोधित कर अब जनजातीय वर्ग की छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति का मार्ग प्रारंभ किया गया है। इसके पहले प्रधानमंत्री ने अपने भोपाल प्रवास के दौरान सर्वप्रथम कार्यक्रम स्थल जम्बूरी मैदान पहुंचकर जनजातीय गौरव प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित जनजातीय नायकों की गौरव गाथा और कलाकृतियों का अवलोकन किया। प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी के दूसरे हिस्से में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और वन धन केन्द्रों के उत्पादों का भी अवलोकन किया और जनजातीय उद्यमिता को सराहा। प्रधानमंत्री ने इसी दौरान वयोवृद्ध जनप्रतिनिधि व पूर्व मंत्री 103 वर्षीय लक्ष्मीनारायण गुप्ता से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।