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   Date13-Nov-2021

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नई दिल्ली ठ्ठ 12 नवम्बर (ए)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से किए गए फैसलों का प्रभाव बढ़ाने में रिजर्व बैंक (आरबीआई) के निर्णयों को मददगार बताया और कहा कि बीते वर्षों में बैंकिंग एवं वित्त क्षेत्र के समावेशन समेत अन्य सुधारों की ताकत को कोरोना महामारी के दौरान पूरे देश ने देखा और उन्हें विश्वास है कि एक संवेदनशील और निवेशक हितैषी गंतव्य के रूप में भारत की नई पहचान को आरबीआई निरंतर सशक्त करता रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे खुदरा निवेशकों के लिए निवेश करने का रास्ता खुलेगा। श्री मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिजर्व बैंक की 2 अभिनव सुविधाओं का उद्घाटन किया, जिनमें एक के जरिए अब आम आदमी भी केंद्रीय बैंक से सीधे सरकारी बॉन्ड खरीद कर अपना पैसा उसमें निवेश कर सकेगा। दूसरी सुविधा पूरे देश के लिए आरबीआई की एकीकृत लोकपाल योजना है। इसके तहत ग्राहक कहीं से एक ही स्थान पर डिजिटल माध्यम से बैंकिंग सेवाओं के बारे में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
श्री मोदी ने कहा, छह-सात साल पहले तक देश में बैंकिंग, पेंशन, बीमा, ये सबकुछ एक एक्सक्लूसिव क्लब जैसा हुआ करता था। देश का सामान्य नागरिक, गरीब परिवार, किसान, छोटे व्यापारी-कारोबारी, महिलाएं, दलित-वंचित-पिछड़े, इन सबके लिए ये सब सुविधाएं बहुत दूर थीं। जिन लोगों पर इन सुविधाओं को गरीब तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी उन्होंने भी इस पर कभी ध्यान नहीं दिया बल्कि बदलाव न हो इसके लिए भांति-भांति के बहाने बनाए जाते थे। कहा जाता था कि बैंक शाखा नहीं है, कर्मचारी नहीं है, इंटरनेट नहीं है, जागरूकता नहीं है और न जाने क्या-क्या तर्क होते थे। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते सात सालों में गैर निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की पारदर्शिता के साथ पहचान की गई। उनके समाधान और रिकवरी पर ध्यान दिया गया।