श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक-नवाथे
   Date07-Jan-2021

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बड़वानी ठ्ठ स्वदेश समाचार
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का पुनर्निर्माण सदियों की गुलामी से मुक्ति पाकर विश्व विजय की ओर बढ़ती हिन्दू संस्कृति और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक है। प्रभु श्रीराम का मंदिर वर्षों पुराना है व इस्लामी हमलावर ने तोड़कर मस्जिद बनाई है। पर हिन्दू समाज ने सदैव मिलकर प्रतिकार किया है। मंदिर के हर जगह जांच में प्रमाण मिले हैं। भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण हो रहा है जिसमें प्रत्येक हिन्दू समाज की जातियों की सहभागिता से ही कार्य हो।
उक्त विचार श्री विनित नवाथे प्रांत सहकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत ने स्थानीय साखी रिसोर्ट में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठक में बड़ी संख्या में आए विभिन्न जातियों के प्रमुख को संबोधित कर कही। श्री नवाथे ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण में लाखों कारसेवकों ने बलिदान दिया। कई लड़ाइयां हुई। यह विचारों की लड़ाई है। प्रभु श्रीराम सम्पूर्ण मानव जाति के प्रेरणास्त्रोत हैं। उन्होंने साधारण जीवन व्यतीत कर प्रेरणा दी। इस अवसर पर उपस्थित समाज प्रमुख ने भी अपने विचार रखकर मंदिर निर्माण में तन-मन-धन से सहयोग करने का संकल्प लिया। 14 जनवरी मकर संक्रांति से धन संग्रह अभियान प्रारंभ होगा। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री नवाथे, मंदिर निर्माण समिति के जिलाध्यक्ष बाबूलाल तायल, राधेश्याम पाटीदार विभाग संघचालक ने श्रीरामजी के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर समाज प्रमुख एचपीएच भाटिया, देवेंद्र भाटिया, मोतीलाल राठौड़, कमलेश राठौड़, श्रीराम साखी, श्रीराम यादव, काशीराम धनगर, यशवंत यादव, भागीरथ कु शवाह, राजेश वर्मा, लक्ष्मण अलावे, डॉ. पहाडिय़ा, भगवान सेप्टा, राजेश गुप्ता, मनीष पुरोहित, विजय यादव, दीपक अग्रवाल, कमलेश बागुल, रवि कु लकर्णी, अभिषेक तिवारी सहित प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।