कोरोना वैक्सीन के मामले में भारत किसी से कम नहीं
   Date05-Jan-2021

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नई दिल्ली द्य 4 जनवरी (वा)
कोरोना महामारी के खिलाफ जंग के बीच भारत ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि वह स्वास्थ्य से जुड़े अनुसंधान के क्षेत्र में किसी से कम नहीं है। देश में नौ कोरोना टीकों का विकास इस तथ्य को मजबूती प्रदान करता है। भारत सरकार ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के आपात इस्तेमाल को मंजूदी दे दी है। वहीं, कई ऐसे टीके हैं,जो जल्द ही परीक्षण की प्रक्रिया को पूरा कर लेंगे। फिलहाल, देश में कई कोरोना टीके बन रहे हैं, जो ये हैं-
ठ्ठ1-कोविशील्ड - ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और दवा कंपनी ऐस्ट्राजेनेका के टीके कोविशील्ड का उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही है। इस टीके को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन इसका तीसरे चरण का परीक्षण जारी है।
ठ्ठकोवैक्सीन :- इस कोरोना वैक्सीन को हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक और आईसीएमआर के सहयोग से बनाया गया है। भारत में कोवैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन तीसरे चरण का परीक्षण अभी जारी है।
ठ्ठजाइकोव-डी :- कैडिला हेल्थकेयर की वैक्सीन डीएनए प्लेटफॉर्म पर बनाई जा रही है और इसका नाम है-जाइकोव-डी। इसके लिए कैडिला ने बायोटेक्नोलॉजी विभाग के साथ सहयोग किया है। इसके तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण जारी है।
ठ्ठस्पूतनिक-वी :- यह रूस की गेमालाया नेशनल सेंटर द्वारा विकसित वैक्सीन है। स्पूतनिक-वी वैक्सीन के तृतीय चरण का परीक्षण और उत्पादन हैदराबाद की डॉक्टर रैडीज लैब कर रही है।
ठ्ठएनवीएक्स :- कोव 2373 - देश में बन रही एक वैक्सीन का नाम है-एनवीएक्स-कोव 2373। इसका उत्पादन पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट कर रही है, इसके लिए इंस्टीट्यूट ने अमेरिकी कंपनी नोवावैक्स के साथ साझेदारी की है। इसके तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण जारी है।
ठ्ठबायोलॉजिकल ई लिमिटेड का टीका : अमेरिकी की एमआईटी की बनाई प्रोटीन एंटीजेन बेस्ड वैक्सीन का उत्पादन हैदराबाद की बायोलॉजिकल ई लिमिटेड कर रही है। इसके पहले और दूसरे चरण के मानव परीक्षण जारी हैं।
ठ्ठएचजीसीओ-19 :- अमेरिका की एचडीटी कंपनी के टीके का उत्पादन पुणे की जिनोवा कंपनी कर रही है। इस टीके का नाम है-एचजीसीओ-19। इस वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षण जल्द शुरू होंगे।
ठ्ठभारत बायोटेक का दूसरा टीका :- अमेरिका के थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी के सहयोग से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक एक अन्य कोरोना टीका का उत्पादन कर रही है। यह टीका अभी प्रयोगशाला के स्तर पर है। अभी इसका क्लिनिकल परीक्षण शुरू नहीं हुआ है।
ठ्ठऑरोबिंदो फॉर्मा का टीका :- अमेरिकी के ऑरोवैक्सीन के साथ मिलकर भारत की ऑरोबिंदो फार्मा एक वैक्सीन बना रही है, जो अभी प्राथमिक चरण में है।