मुक्तिधामों की दशा बदलने वाले प्रेमजी नहीं रहे
   Date03-Jan-2021

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इंदौर द्यस्वदेश समाचार
संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक, कर्मयोगी, सेवाभावी प्रेमजी बाहेती पहले कोरोना से पीडि़त हुए, लेकिन बाद में वह निगेटिव हो गए थे, परंतु उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। वे जुपिटर विशेष हॉस्पिटल में पिछले सात दिनों से वेंटिलेटर पर थे। डॉक्टरों के कहने पर परिजन आज सुबह घर ले आए थे एवं उनका वहीं देवलोकगमन हो गया। मुक्तिधाम के विकास में जिस मनोयोग से प्रेम भैया ने कार्य किया, वह इतिहास में अंकित रहेगा। पंचकुइया मुक्तिधाम के विकास कार्य के बाद ही शहर में अन्य मुक्तिधाम में भी विकास कार्य हुए। कोरोनाकाल में कई शव पंचकुइया में जलाए गए, जिसकी माटी लेने भी परिजन नहीं पहुंचे।का काम भी प्रेम भैया ने किया। उनकी योजना थी कि सभी अस्थियों का सामूहिक संस्कार खेड़ी घाट पर जाकर किया जाए, लेकिन उनकी यह आस अधूरी रह गई। एक कर्मयोगी के असमय अवसान हो गया। वे अपने पीछे मां, पत्नी, भाई, बेटा व पोता से भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनका अंतिम संस्कार उसी पंचकुइया मुक्तिधाम पर हुआ, जहां उन्होंने अपनी सेवाएं दी। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिसमें नारायण अग्रवाल, मुकेश जैन, सुधीर अग्रवाल, क्लाथ मार्केट के व्यापारी, स्वयंसेवक व भाजपा के कई पदाधिकारी उपस्थित थे। पंचकुइया मोक्षधाम विकास समिति के सदस्यों ने उनकी चिता को फूलों, गुलदस्तों व रांगोली से सजाकर अपनी कृतज्ञता प्रस्तुत की।