भारत पहला देश, जहां तैयार हो रही कोरोना की 4 वैक्सीन - जावड़ेकर
   Date03-Jan-2021

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नई दिल्ली द्य 2 जनवरी (वा)
भारत में कोरोना वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा और भी कई वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी मांगी गई है। इसके लिए आवेदन किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारत शायद एकमात्र देश है, जहां चार टीके तैयार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीरम के कोविशीेल्ड को कल आपातकालीन उपयोग के लिए मंजूरी दी गई थी। वर्तमान में भारत में कोरोना की छह वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल जारी है। इनमें कोविशील्ड और कोवाक्सिन भी शामिल हैं। कोविशिल्ड ऑस्ट्रॉक्सी वैक्सीन है, जिसे एस्ट्रजेनेका और पुणे के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित किया गया है। कोवाक्सिन भारत की बायोटेक द्वारा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से विकसित किया जा रहा स्वदेशी टीका है। इन दोनों के अलावा, अहमदाबाद में कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। साथ ही नोवामैक्स के सहयोग से सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किया जा रहा है। दो अन्य टीके हैं, जिनमें से एक एमआईटी, यूएस के सहयोग से बायोलॉजिकल ई लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा निर्मित है। दूसरा एचडीटी, यूएस के सहयोग से पुणे स्थित गेनोवा बायोफार्मास्युटिकल्स लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है।
भारत के बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी, यूएस के साथ मिलकर एक और वैक्सीन विकसित की जा रही है, जो प्री-क्लिनिकल चरणों में है। डॉ. रेड्डीज लैब द्वारा रूस के स्पुतनिक वी का परीक्षण भी चल रहा है। भारत बायोटेक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और फाइजर (इसका भारत में कोई ट्रायल नहीं किया गया था) ने आपातकालीन उपयोग के लिए ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया के समक्ष आवेदन दिया है। शुक्रवार को विशेषज्ञ पैनल ने सीरम के ऑक्सफोर्ड वैक्सीन की सिफारिश कर दी है।