टीकाकरण की आई घड़ी...
   Date11-Jan-2021

vishesh lekh_1  
अंतत: जिस बात का इंतजार था, वह घड़ी आ चुकी है... जब वैश्विक महामारी कोरोना से पीडि़त देशवासियों को टीकाकरण के जरिए राहत मिलेगी... सही मायने में टीकाकरण कोरोना को हराने के अभियान को प्रारंभ करने के रूप में देखा जाना चाहिए.... प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को टीकाकरण अभियान से जुड़ी समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा के बाद आगामी 16 जनवरी से देश में कोरोना टीका लगाने की पहल को हरी झंडी दिखा दी है... यह पहल भारत के लिए वैश्विक संदर्भ में भी बहुत मायने रखती है... क्योंकि इस कार्य को प्रारंभ करने वाले हम विश्व में गिने-चुने देशों की सूची में आ चुके हैं... हालांकि कोरोना के नए स्ट्रेन से उपजा तनाव अभी कम नहीं हुआ है, लेकिन ब्रिटेन-भारत के बीच हवाई सेवा फिर शुरू कर दी गई है... ब्रिटेन में मिले कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के बाद 23 दिसम्बर को वहां से हवाई सेवाओं को रोक दिया गया था... रोक की मियाद 5 जनवरी को खत्म होने के बाद अब सेवाओं का सामान्य होना लाजिमी है, लेकिन क्या हम यह खतरा लेने के लिए तैयार हैं..? अब तक के आंकड़ों को अगर देखें, तो देश में कोरोना के नए स्ट्रेन वाले कुल 73 मरीज मिल चुके हैं... आने वाले दिनों में ऐसे मरीजों की संख्या बढऩे की पूरी आशंका है... हर हफ्ते ब्रिटेन और भारत के बीच कुल 30 जहाज उड़ान भरेंगे... 15 भारत से और 15 ब्रिटेन से... सरकार ने जो तय किया है, उसके अनुसार 23 जनवरी तक ऐसा चलेगा... उसके बाद स्थितियों का जायजा लिया जाएगा और सेवाओं में विस्तार को मंजूरी मिलेगी... दिल्ली एयरपोर्ट ने ब्रिटेन से आने वाले यात्रियों को भारत में उतरने और फिर यहां से अपने शहर के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट लेने के बीच 10 घंटे का अंतराल रखने को कहा है... क्या 10 घंटे के अंदर कोरोना की पुख्ता रिपोर्ट आ सकती है..? यह ठीक है कि भारत पहुंचने वाले यात्रियों से ही कोविड जांच की कीमत वसूली जाएगी, लेकिन अगर उन्हें 10 घंटे के बाद अपने शहर जाने की इजाजत होगी, तो फिर 72 घंटे के भीतर कोविड-19 टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट लाने का क्या मतलब है..? जब यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट से घर जाने दिया जाएगा, तब क्या वे अन्य लोगों या यात्रियों के संपर्क में नहीं आएंगे..? घर या अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद 14 दिन क्वारेंटीन रहने के लिए पाबंद किया गया है, लेकिन क्या इसकी पालना पूरी तरह से हो रही है..? हमने नए स्ट्रेन के मामले में भी अनेक लोगों को चेतावनी और आग्रह के बावजूद जांच से छिपते-भागते देखा है... दूसरों के जीवन को खतरे में डालते देखा है... क्या ब्रिटेन से आने वालों को दिल्ली में ही कहीं क्वारेंटीन नहीं किया जा सकता? दूसरी बात, ब्रिटेन को अपने स्तर पर भी लोगों को जांच के बाद ही भारत या किसी अन्य देश के लिए रवाना करना चाहिए... क्योंकि ये सब उस समय ज्यादा जरूरी है, जब हम 16 जनवरी से देश में टीकाकरण अभियान प्रारंभ करने जा रहे हैं... यह तभी सफल होगा, जब मास्क के साथ सतर्कता नियमों का पालन किया जाएगा...
दृष्टिकोण
दामों का महंगाई पर असर...
पिछले कुछ सालों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ दिनों तक भी स्थिरता बनी रही, तो उसे बड़ी राहत की तरह देखा जाने लगा... लेकिन आम लोगों की जरूरतों के मद्देनजर देखें तो फिलहाल इस राहत में कोई स्थिरता नहीं बन पा रही है... बीते करीब एक महीने तक पेट्रोल और डीजल के दामों में इजाफा नहीं किया गया तो ऐसा लगा कि समूचे देश में महामारी के दौर में बिगड़ी आर्थिक हालत में इससे थोड़ी सुविधा होगी... मगर गत दिनों लगातार दो दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से एक बार फिर लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं... सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की ओर से दोनों ईंधन के दाम में की गई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर चौरासी रुपए पार कर गई... इसी तरह डीजल की कीमत भी प्रति लीटर चौहत्तर रुपए से ज्यादा हो गई... दिल्ली के अलावा मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में कीमत इससे भी ज्यादा हो चुकी है और यह अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है... राजस्थान, मध्यप्रदेश के प्रमुख शहरों में भी पेट्रोल उत्पादों की कीमतों में की यही स्थिति है... दरअसल, पेट्रोल और डीजल के दाम में स्थिरता किसी बीते जमाने की बात हो चुकी है... कभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मूल्यों में तेजी तो कभी उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी के नाम पर आएदिन इसमें बढ़ोतरी होती रहती है... यह किसी से छिपा नहीं है कि इसका असर केवल वाहनों में खपत के खर्च में बढ़ोतरी पर या इस ईंधन से चालित उद्योगों या संयंत्रों पर नहीं पड़ता, बल्कि इसका सीधा प्रभाव समूचे बाजार पर पड़ता है... महंगाई में भी अपने आप आग झरने लगती है...