मध्यप्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2020 लागू
   Date10-Jan-2021

se7_1  H x W: 0
भोपाल ठ्ठ 9 जनवरी (स्वदेश समाचार)
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के 48 घंटे बाद मध्यप्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम- 2020 का अध्यादेश शनिवार से लागू हो गया। गुरुवार को राज्यपाल के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के बाद सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर उसकी प्रति प्रदेश के सभी कलेक्टरों को भेज दी है। इससे पहले शिवराज कैबिनेट के प्रस्ताव को लखनऊ भेजा गया था, जहां गुरुवार को राज्यपाल ने हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि इसे 6 महीने में विधानसभा से पास कराना होगा। पिछले साल 29 दिसम्बर को शिवराज सरकार ने कैबिनेट बैठक में अध्यादेश के ड्राफ्ट को अनुमोदन दे दिया था। अध्यादेश में प्रलोभन, बहलाकर, बलपूर्वक या धर्मांतरण करवाकर विवाह करने या करवाने वाले को एक से 10 साल तक की सजा और अधिकतम एक लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इससे पहले उसे विधानसभा सत्र में लाना चाह रहे थे, लेकिन कोरोना में विधानसभा सत्र रद्द होने के कारण इसे विधानसभा में पेश नहीं किया जा सका था। इसके बाद ही अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया था।
उप्र में भी राज्यपाल आनंदीबेन ने ही मंजूरी दी
मध्यप्रदेश से पहले उत्तरप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश लाया गया। यहां पिछले साल 26 नवम्बर को आनंदीबेन ने ही मंजूरी दी थी। वहां विधानसभा सत्र नहीं होने के कारण अध्यादेश के माध्यम से कानून लागू किया गया, जबकि मध्यप्रदेश में विधानसभा सत्र प्रस्तावित था, लेकिन इसके स्थगित होने के कारण अब इसे अध्यादेश के रास्ते लाया गया है।