चीन की विस्तारवादी भूख...
   Date12-Sep-2020

vishesh lekh_1  
सर्वभक्षी-विस्तारवादी चीन के नापाक मंसूबे उसके पूरे चरित्र की गवाही देते हैं...चीन का खुराफाती खेल भारत के साथ कोरोना संकटकाल के साथ प्रारंभ हुआ था, जो रोज नए पैंतरे बदलकर भूमि हड़पू अपनी भूख को विकराल किए जा रहा है... पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीनी सैनिकों की ओर से की गई गोलीबारी के बाद अब यह साफ हो गया है कि चीन भारत के साथ युद्ध के नित नए बहाने खोज रहा है... तीन महीने में यह तीसरा मौका है, जब चीन ने आक्रामक रुख दिखाते हुए फिर से पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर घुसने की कोशिश की.., जिसे भारतीय सैनिकों ने नाकाम कर दिया... इसके जवाब में चीनी सैनिकों ने गोलियां चलाते हुए अपनी बौखलाहट जाहिर की...इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि भारत-चीन सीमा पर तनाव दिनोंदिन गंभीर रूप लेता जा रहा है...भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी भारत-चीन सीमा पर स्थिति को गंभीर बताया है...45 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब भारत-चीन सीमा पर गोलियां चली हैं... इससे पहले 15-16 जून की रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने धोखे से भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया था.., जिसमें बीस भारतीय जवान शहीद हो गए थे...फिर 29-30 अगस्त की रात भी चीनी सैनिकों ने पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे पर कब्जे की नाकाम कोशिश की...ये घटनाएं इस बात का प्रमाण हैं कि चीन अब काफी लंबी तैयारी के साथ मैदान में उतरा है... ठीक वैसे ही हालात पैदा करने में लगा है, जैसे पैंतालीस साल पहले किए थे... हैरानी की बात यह है कि चीन एक तरफ बातचीत का नाटक भी कर रहा है और दूसरी ओर उकसाने वाली कार्रवाइयां भी... सीमा पर तनाव कम करने के लिए सैन्य-कूटनीतिक स्तर पर वार्ताएं चल रही हैं...चार दिन पहले ही मास्को में भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों की ढाई घंटे तक बात हुई.., जिसमें भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया था कि लद्दाख में एक इंच जमीन पर भी भारत समझौता नहीं करेगा...साथ ही, दोनों देशों के बीच आगे भी इस तरह की बातचीत जारी रखने का फैसला हुआ...लेकिन हमेशा की तरह पलटी मारते हुए चीन ने दो दिन बाद ही अपना रंग दिखा दिया...सात सितम्बर को भारत के इलाके में फिर से न सिर्फ घुसने की कोशिश की, बल्कि गोलियां भी चलाईं...सीमा पर शांति बनी रहे और दोनों देशों के बीच सीमा विवाद शांति और सद्भाव से सुलझे.., इसीलिए भारत और चीन के बीच 1996 में हुए समझौते में साफ कहा गया है कि कोई भी पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा के दो किलोमीटर के दायरे में गोली नहीं चलाएगा...इसके अलावा, 2013 में किए गए सीमा रक्षा सहयोग करार में इस पर सहमति बनी थी कि यदि दोनों पक्षों के सैनिक आमने-सामने आ भी जाते हैं तो वे बल प्रयोग, गोलीबारी या सशस्त्र संघर्ष नहीं करेंगे... लेकिन चीन तो इन समझौतों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है..! भारत-चीन सीमा पर अशांति सिर्फ दोनों देशों के लिए ही नहीं, पूरे एशिया महाद्वीप के लिए बड़ा खतरा है...भारत चीन को स्पष्ट रूप से चेतावनी दे चुका है कि अगर वार्ताओं से समस्या का हल नहीं निकला और चीनी सैनिक पीछे नहीं हटे.., तो अपनी रक्षा के लिए भारत के पास सैन्य कार्रवाई सहित सारे विकल्प खुले हैं...
दृष्टिकोण
चिंता बढ़ाते रोज के आंकड़े...
कोरोना संक्रमण के मामले गत एक सप्ताह से लगातार एक लाख के करीब सामने आ रहे हैं...प्रतिदिन के बढ़ते आंकड़े चिंता की बात है...क्योंकि देश में कोरोना के संक्रमण की स्थिति अब भी बेहद गंभीर है और दिनोंदिन इसकी चपेट में आने वालों की तादाद में बढ़ोतरी होती जा रही है... अफसोस की बात यह है कि इससे बचाव और संक्रमण पर लगाम के लिए सरकारी स्तर पर जो उपाय घोषित किए गए हैं.., उनका खयाल रखने को लेकर बहुत जगहों पर लोग गंभीर नहीं दिख रहे...ज्यादा बड़ी विडंबना खुद राजनीतिक तबके के वैसे लोगों की ओर से सामने आ रही है.., जिनका अभी के दौर में प्राथमिक दायित्व है जनता को संक्रमण से बचाव के उपायों के पालन के प्रति जागरूक करना...लेकिन मध्यप्रदेश में उपचुनावों के मद्देनजर जिस तरह की राजनीतिक गतिविधियां देखी जा रही हैं.., वह बेहद चिंताजनक है... आने वाले दिनों में राज्य में सांवेर की सीट पर भी उपचुनाव होने हैं...इसलिए भाजपा की ओर से पांच सितम्बर से नौ सितम्बर के बीच इस विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में कलश यात्रा निकाली गई... इसमें अलग-अलग गांवों से यात्रा में हजारों महिलाएं शामिल हुईं...गत दिनों जो कलश यात्रा निकाली गई..,उनमें शामिल हजारों महिलाओं में लगभग सबके चेहरे पर न तो मास्क था..,न वहां आपस में सुरक्षित दूरी बरतने जैसे किसी नियम का पालन हो रहा था...अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना से बचाव के उपायों को धता बता कर निकाली गई ऐसी यात्रा से किस तरह के जोखिम पैदा हुए होंगे...सवाल यही है कि आम लोगों की तो दूर..,क्या खुद राज्य सरकार के मंत्री..,भाजपा नेताओं को इस बात की जानकारी नहीं थी है कि अभी देश किस तरह की महामारी से जूझ रहा है और उसमें सामाजिक दूरी का पालन जरूरी है...