कार्य की लगन
   Date12-Sep-2020

prernadeep_1  H
प्रेरणादीप
एक बहुत ही गरीब व कम उम्र का लड़का था। जीविका चलाने के लिए वह लकडिय़ां बेचा करता था। एक दिन सिर पर लकड़ी का गट्ठर उठाए हुए वह कहीं जा रहा था, तभी अचानक उस पर एक सम्पन्न व्यक्ति की नजर पड़ी। वे उसके गट्ठर की ओर देख रहे थे। उनसे रहा नहीं गया। उन्होंने लड़के से पूछा-'किसने बांधा है यह गट्ठर?Ó लड़के ने जवाब दिया-'जी, मैंने।Ó वे चौंके और पूछा-'क्या तुम दोबारा इसे उसी तरह बांध सकते हो?Ó 'हां-हां, क्यों नहीं।Ó कहकर उसने दोबारा उसी खूबसूरती के साथ वह गट्ठर बांध दिया। उसे देखकर वह सम्पन्न व्यक्ति उस लड़के की प्रतिभा, लगन और सरलता के कायल हो गए। उसे अपने साथ ले गए और उसकी समुचित शिक्षा का प्रबंध किया। बड़ा होकर यही लड़का यूनान का महान दार्शनिक पाइथागोरस बना।