नई शिक्षा नीति शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी- शिवराज
   Date31-Jul-2020

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भोपाल द्य 30 जुलाई (वा)
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि केंद्र द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति देश में शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। इसके क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश लीड ले। इसके सभी प्रावधानों पर राज्य की परिस्थितियों के अनुसार तत्परता के साथ अमल किया जाए।
श्री चौहान आज चिरायु अस्पताल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा विभाग की गतिविधियों तथा नई शिक्षा नीति के संबंध में प्रदेश में की जाने वाली कार्रवाइयों संबंधी बैठक ले रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान न देकर उनका कौशल विकसित करने के लिए प्रदेश में कक्षा छठवीं से ही व्यवसायिक शिक्षा दिए जाने के प्रावधान को जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। स्कूली पाठ्यक्रम में संगीत, दर्शन कला, नृत्य के साथ ही योग का भी समावेश किया जाएगा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार इन्दरसिंह परमार शाजापुर से शामिल हुए। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत, आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र लोकेश कुमार जाटव, उपसचिव श्रीमती अनुभा श्रीवास्तव एवं प्रमोद सिंह, के.के. द्विवेदी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति के प्रावधानों को तत्परता के साथ लागू करने के लिए शिक्षा मंत्री एक टीम गठित करें जो इस संबंध में कार्रवाई के लिए रूपरेखा बनाए।
प्रदेश में विशेष रूप से व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा दिया जाना है, जिससे बच्चा शुरू से ही अपने क्षेत्र में दक्षता हासिल कर ले तथा उसे भावी जीवन में एक अच्छी आजीविका प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत स्कूली पाठ्यक्रम में योग एवं नैतिक शिक्षा को विशेष महत्व दिया जाए। इसके साथ ही संगीत, दर्शन कला, नृत्य आदि विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में गांवों के क्लस्टर में उच्च गुणवत्ता वाले स्कूल विकसित किए जाएंगे। इस संबंध में भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि प्रदेश में इस प्रकार के 10 हजार स्कूल विकसित किए जाने की योजना बनाई जा रही है।